मलेशियाई उप मुख्यमंत्री तख्त श्री केसगढ़ साहिब पहुंचे: जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह को पेनांग में गुरुद्वारा साहिब के उद्घाटन का दिया न्योता – Amritsar News




सिख विरासत, धार्मिक संस्थाओं और विदेशों में रह रहे सिख समुदाय के साथ पंजाब के आध्यात्मिक व सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से आज श्री आनंदपुर साहिब में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। मलेशिया के पेनांग के उप मुख्यमंत्री-II वाई.बी. जगदीप सिंह दियो के नेतृत्व में आए एक उच्चस्तरीय मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से विशेष मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान विश्व सिख समुदाय से जुड़े विभिन्न धार्मिक व सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मलेशिया में सिखों के इतिहास और विरासत पर चर्चा मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीप सिंह दियो ने श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने सिख धर्म और उसके महान नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार व संरक्षण के लिए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल युग में युवा पीढ़ी और विशेष रूप से विदेशों में रह रहे प्रवासी सिखों को अपनी समृद्ध धार्मिक विरासत और गौरवशाली इतिहास से जोड़ना बेहद जरूरी है। मलेशिया में सिखों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए दियो ने बताया कि देश में सिखों का शुरुआती आगमन पेनांग क्षेत्र के माध्यम से ही हुआ था। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि जिस ऐतिहासिक मार्ग और रास्ते से सिख मलेशिया पहुंचे थे, उसे एक ऐतिहासिक विरासत (Heritage) के रूप में संरक्षित और विकसित किया जाना चाहिए। दक्षिण-पूर्व एशिया के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के उद्घाटन का आमंत्रण इस मुलाकात का एक मुख्य आकर्षण पेनांग (जॉर्ज टाउन के जालान) में स्थित ऐतिहासिक ‘बड़ा गुरुद्वारा साहिब’ का पुनर्निर्माण और संरक्षण कार्य रहा। यह गुरुद्वारा साहिब दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे पुराने और ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। उप मुख्यमंत्री ने इसका जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने की खुशी साझा करते हुए इसके आगामी भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को विशेष रूप से आमंत्रित किया। ‘सरबत के भले’ और सर्व-सांझीवालता के संदेश पर जोर मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल की इस भावना का स्वागत करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने ऐतिहासिक गुरुद्वारों और सिख विरासत के संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। जत्थेदार ने भी इस बात की आवश्यकता जताई कि सात समंदर पार रह रही नई पीढ़ी को गुरबाणी, गुरु-इतिहास और सिख परंपराओं से मजबूती से जोड़ा जाए। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने सिख-मलेशियाई सांस्कृतिक व धार्मिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा दुनिया भर में सिख धर्म के मूल सिद्धांतों—’सरबत का भला’ (सभी का कल्याण) और ‘सर्व-सांझीवालता’ (वैश्विक भाईचारा) का संदेश पहुंचाने का साझा संकल्प दोहराया। प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख हस्तियां रहीं शामिल: इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में मलेशिया के प्रमुख कारोबारी और सामुदायिक नेता दातो प्रो. डॉ. बी.एस. बैंस, इतिहासकार सिमर सिंह, मीरपुर रियासत परिवार से अक्षय सिंह दियो, आर्यन मेनन, डॉ. सुखजोत सिंह और प्रसिद्ध व्यवसायी सनी खैहरा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



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