जम्मू-कश्मीर की ‘लाइफलाइन’ बहाल: माधोपुर-रावी पुल का काम पूरा, व्यापार और सेना की आवाजाही होगी सुगम; 17 ट्रेनें होंगी बहाल – Pathankot News

जम्मू-कश्मीर की ‘लाइफलाइन’ बहाल:  माधोपुर-रावी पुल का काम पूरा, व्यापार और सेना की आवाजाही होगी सुगम; 17 ट्रेनें होंगी बहाल – Pathankot News




भारतीय रेलवे ने देश के अन्य हिस्सों को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कठुआ और माधोपुर रेलखंड के बीच स्थित रेलवे पुल संख्या 17 का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने जा रहा है। जिससे देश भर से जम्मू की ओर आने वाली 17 प्रमुख ट्रेनें एक बार फिर पटरी पर लौट आएंगी। कार्य के पूर्ण होने पर डाउन साइड के ट्रैक को जून माह से पुनः शुरू किया जा रहा है। इससे पहले रेलवे ब्रिज पर मरम्मत के चलते केवल अप साइड का सिंगल रेलवे ट्रैक ही चालू था। अप और डाउन दोनों साइड के रेलवे ट्रैक फिट होने से रेल यातायात सुगम और सुचारू रूप से चलेगा। इससे ना केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि श्री अमरनाथ और वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा सुगम और सरल होगी। 9 महीने पहले बैठ गया था पिलर
बता दें, अगस्त 2025 में जब रावी नदी में भारी बाढ़ आई, तो इस पुल का पिलर नंबर 10 लगभग 3 फीट नीचे धंस गया था। इसके कारण रेलवे को सुरक्षा के लिहाज से 70 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थीं। जम्मू का देश से संपर्क ‘डाउन ट्रैक’ पर पूरी तरह ठप हो गया था और ट्रेनों को सिंगल ट्रैक (वन-वे) की तरह चलाना पड़ रहा था, जिससे ट्रेनें घंटों लेट हो रही थीं। अब रेलवे इंजीनियरों ने दिन-रात काम करके इस पुल को दोबारा पूरी मजबूती के साथ तैयार कर दिया है। 31 मई तक इस खंड पर इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण होगा।
जून से शुरू बहाल होगा रेलमार्ग
जम्मू रेल डिवीजन के अधिकारियों ने बताया कि दोनों साइड (अप-डाउन) ट्रैक को जून माह से पुनः शुरू किया जा रहा है। इससे पहले रेलवे ब्रिज पर मरम्मत के चलते केवल अप साइड का सिंगल रेलवे ट्रैक ही चालू था। अप और डाउन दोनों साइड के रेलवे ट्रैक फिट होने से रेल यातायात सुगम और सुचारू रूप से चलेगा। जून से दोनों ट्रैकों पर ट्रेनें फिर से पूरी रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे उत्तर भारत का व्यापार, सेना की आवाजाही और आम यात्रियों का सफर एक बार फिर सुगम हो जाएगा। बेहद महत्वपूर्ण है ये पुल
बता दें, जम्मू-कश्मीर को देश से जोड़ने वाली इकलौती रेलवे कड़ी यह पुल पंजाब के माधोपुर को जम्मू-कश्मीर के कठुआ (लखनपुर) से जोड़ता है। पूरे भारत से जितनी भी ट्रेनें जम्मू, ऊधमपुर या श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा जाती हैं, उन सभी को इसी रावी पुल को पार करके जाना पड़ता है। इसके बिना कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क पूरी तरह कट जाता है। पठानकोट (पंजाब) और कठुआ (जम्मू-कश्मीर) के बीच रावी नदी पर स्थित माधोपुर रावी पुल (संख्या 17) केवल एक पुल नहीं है, बल्कि इसे जम्मू-कश्मीर की “लाइफलाइन” कहा जाता है। सामरिक, भौगोलिक और आर्थिक दृष्टिकोण से इस पुल का महत्व बेहद खास है। 1. जम्मू-कश्मीर को देश से जोड़ने वाली इकलौती रेलवे कड़ी
यह पुल पंजाब के माधोपुर को जम्मू-कश्मीर के कठुआ (लखनपुर) से जोड़ता है। पूरे भारत से जितनी भी ट्रेनें जम्मू, उधमपुर या श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा जाती हैं, उन सभी को इसी रावी पुल को पार करके जाना पड़ता है। इसके बिना कश्मीर घाटी के लिए रेल संपर्क पूरी तरह कट जाता है। 2. देश की सुरक्षा और सामरिक महत्व
जम्मू-कश्मीर सीमावर्ती राज्य होने के कारण भारतीय सेना के लिए बहुत संवेदनशील है। इस पुल के जरिए ही सेना के जवानों, हथियारों, टैंकों और अन्य सैन्य साजो-सामान (रसद) को पंजाब के रास्ते जम्मू और आगे नियंत्रण रेखा या अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक पहुंचाया जाता है। युद्ध या किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस पुल की भूमिका सबसे बड़ी हो जाती है। 3. माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा का आधार
हर साल करोड़ों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन और अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर जाते हैं। पर्यटकों और श्रद्धालुओं को लेकर जाने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें (जैसे वंदे भारत, राजधानी, स्वराज एक्सप्रेस आदि) इसी पुल से होकर गुजरती हैं। इस पुल पर कोई भी रुकावट आने से पूरे देश के पर्यटन और धार्मिक यात्राओं पर सीधा असर पड़ता है। पुल के शुरू होने से ये प्रमुख ट्रेनें होंगी बहाल
1. दुर्ग – शहीद कैप्टन तुषार महाजन (उधमपुर) एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 12549: दुर्ग (छत्तीसगढ़) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 12550: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर) से दुर्ग (छत्तीसगढ़)
2. साबरमती – माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 19415: साबरमती BG (अहमदाबाद, गुजरात) से माता वैष्णो देवी कटड़ा (जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 19416: माता वैष्णो देवी कटड़ा से साबरमती BG (अहमदाबाद)
3. दुर्ग – शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपरफास्ट एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 20847: दुर्ग (छत्तीसगढ़) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 20848: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर) से दुर्ग (छत्तीसगढ़)
4. कोटा – शहीद कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 20985: कोटा जंक्शन (राजस्थान) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 20986: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर) से कोटा जंक्शन (राजस्थान)
5. इंदौर – शहीद कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 22941: इंदौर जंक्शन (मध्य प्रदेश) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 22942: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर) से इंदौर जंक्शन (मध्य प्रदेश)
6. काठगोदाम – जम्मू तवी गरीब रथ एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 12207: काठगोदाम (उत्तराखंड) से जम्मू तवी (जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 12208: जम्मू तवी से काठगोदाम (उत्तराखंड)
7. गाजीपुर सिटी – माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस
ट्रेन संख्या 14611: गाजीपुर सिटी (उत्तर प्रदेश) से माता वैष्णो देवी कटड़ा (जम्मू-कश्मीर)
(नोट: वापसी की ट्रेन 14612 भी इसी रूट पर कटड़ा से गाजीपुर चलती है)
8. जन्मभूमि एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 19107: भावनगर टर्मिनस (गुजरात) से शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर, जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 19108: शहीद कैप्टन तुषार महाजन (MCTM – उधमपुर) से भावनगर टर्मिनस (गुजरात)
9. तिरुपति – जम्मू तवी हमसफर एक्सप्रेस (अप और डाउन)
ट्रेन संख्या 22705: तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से जम्मू तवी (जम्मू-कश्मीर)
ट्रेन संख्या 22706: जम्मू तवी से तिरुपति (आंध्र प्रदेश)
31 मई को काम होगा पूरा- जन संपर्क निरीक्षक
जम्मू मंडल के जन संपर्क निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि कठुआ और माधोपुर के बीच पुल संख्या 17 की मरम्मत का काम पूरा होने जा रहा है। 31 मई को यहां आखिरी तकनीकी काम (इंटरलॉकिंग) पूरा हो जाएगा, जिसके बाद जून के पहले हफ्ते से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।



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