पठानकोट में CHO का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन: सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर की नारेबाजी; नोटिफिकेशन जारी नहीं करने पर रोष – Pathankot News
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने गुरुवार को पठानकोट में सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने पंजाब सरकार की वादाखिलाफी और अपनी लंबित मांगों के नोटिफिकेशन जारी नहीं होने के विरोध में नारेबाजी की। सीएचओ ने सिविल सर्जन के माध्यम से स्वास्थ्य सचिव, पंजाब को एक ज्ञापन भी सौंपा। नेताओं ने बताया कि पिछले कई महीनों से विभाग और पंजाब सरकार के साथ विभिन्न दौर की बैठकें हो चुकी हैं। 1 जुलाई 2026 को मिशन डायरेक्टर, नेशनल हेल्थ मिशन, पंजाब तथा 14 जुलाई 2026 को पंजाब के वित्त मंत्री के साथ हुई बैठकों में सीएचओ की वित्तीय एवं सेवा संबंधी मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई थी। उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बावजूद, आज तक किसी भी मांग का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इस देरी से प्रदेशभर के सीएचओ में भारी रोष है। उन्होंने आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि सभी आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में ओपीडी और टीबी संबंधी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। तरह जारी रहेंगी, जबकि अन्य सभी गतिविधियां आंदोलन के तहत बंद रहेंगी। साथ ही सभी CHO काली पट्टियां लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। 20 जुलाई को ज्ञापन सौंपे जाएंगे CHO नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं किए तो 20 जुलाई को पंजाब भर के विधायकों, आम आदमी पार्टी के नेताओं और हल्का इंचार्जों को वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 22 जुलाई को संगरूर में मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के निकट राज्यस्तरीय विशाल रोष रैली आयोजित की जाएगी। क्या है मांगें
प्रमुख मांगों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के लिए नियमित ग्रुप-बी कैडर को मंजूरी देना, अन्य राज्यों की तुलना में मिलने वाले ₹5,000 प्रतिमाह कम वेतन की विसंगति दूर कर बकाया राशि जारी करना, वर्ष 2018 से बंद लॉयल्टी बोनस को दोबारा लागू करना, वेतन और इंसेंटिव को मर्ज करना तथा हाल ही में जारी किए गए गैर-व्यावहारिक इंसेंटिव परफॉर्मा को वापस लेकर उसकी उचित समीक्षा करना शामिल है।
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