मामा लड़ता रहा हत्या का केस: भांजी कनाडा में मिली जिंदा: हाईकोर्ट बोला- जांच के पर्याप्त सबूत मौजूद – Chandigarh News
जिस भांजी को मृत मानकर उसका मामा वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहा था, वह कनाडा में जिंदा मिली है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस जांच, पासपोर्ट रिकॉर्ड और वीडियो कॉल के सबूतों के आधार पर यह मानते हुए याचिका खारिज कर दी कि देविंदर कौर जीवित है। जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसे पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत मौजूद हैं, जो साबित करते हैं कि देविंदर कौर जिंदा है। ऐसे में उसके पिता और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला चलाने या एसआईटी जांच कराने की जरूरत नहीं है। 2013 में मां-बेटी के गायब होने की चर्चा लुधियाना निवासी आत्मा सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि उसकी बहन हरपाल कौर की शादी 1978 में बलबीर सिंह से हुई थी। उनकी एक बेटी देविंदर कौर थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि बलबीर सिंह बाद में जर्मनी चला गया और वहां दूसरी शादी कर ली। याचिका के अनुसार वर्ष 2013 में हरपाल कौर रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। बाद में यह मामला हत्या के मुकदमे में बदल गया। इसी दौरान देविंदर कौर के भी गायब होने की बात सामने आई। परिवार का आरोप था कि पुलिस ने उसकी तलाश के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। वीडियो कॉल से हुई पहचान पुलिस जांच के दौरान जनवरी 2025 में देविंदर कौर से व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बात की गई। इस दौरान उसकी मौसी नसीब कौर और चचेरी बहन करमजीत कौर ने उसकी पहचान की पुष्टि की। पुलिस ने वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी। जांच में सामने आया कि देविंदर कौर को वर्ष 2012 में भारतीय पासपोर्ट जारी हुआ था। बाद में उसका पासपोर्ट कनाडा के वैंकूवर में रिन्यू कराया गया। इमिग्रेशन रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि वह 26 जनवरी 2013 को भारत छोड़कर विदेश चली गई थी। रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्ष 2016 और 2024 में भारत आई थी और इसके बाद फिर कनाडा लौट गई। इन दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने माना कि देविंदर कौर जीवित है। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस जांच में कहीं भी ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि देविंदर कौर की हत्या हुई है या जांच में लापरवाही बरती गई है। इसी आधार पर अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
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