मोगा सिविल अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगा रहे टांके: झपटमारी में घायल हुई थी महिला, परिजनों का आरोप, इलाज में बरती लापरवाही – Moga News
मोगा में झपटमारी का शिकार हुई एक बुजुर्ग महिला के परिजनों ने सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल महिला को समय पर उपचार नहीं मिला। आरोप है कि डॉक्टर के बजाय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से टांके लगवाए गए और टांके लगाने का जरूरी सामान भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं था, जिसे बाजार से खरीदने को कहा गया। चंडीगढ़ कॉलोनी निवासी दविंदर कुमार ने बताया कि यह घटना 21 जुलाई की रात को हुई। उनकी सास पुष्पा रानी (निवासी गांव मल्लावाला, जिला फिरोजपुर) अपनी नातिन के साथ स्कूटी पर रिश्तेदारी से लौट रही थीं। निगाहा रोड पर मोटरसाइकिल सवार 2 युवकों ने उनके कान से सोने की बाली झपट ली। इस दौरान पुष्पा रानी का कान बुरी तरह फट गया और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। परिजनों के अनुसार, घायल महिला को तुरंत सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। हालांकि, लगभग 20 मिनट तक उसका इलाज शुरू नहीं हुआ। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों ने टांके लगाने के लिए आवश्यक सामग्री बाहर से खरीदने को कहा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने स्वयं टांके नहीं लगाए, बल्कि यह कार्य एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से करवाया गया। उपचार में गंभीर लापरवाही का आरोप, जांच की मांग दविंदर कुमार ने आगे बताया कि 2 दिन बाद जब महिला टांके खुलवाने अस्पताल पहुंची, तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि पहले लगाए गए टांके सही नहीं थे और उन्हें दोबारा लगाने की आवश्यकता है। इस घटना से परिजनों में गहरा रोष है। उन्होंने इमरजेंसी विभाग में मरीजों के उपचार में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी: एसएमओ कार्यकारी सीनियर मेडिकल अधिकारी (एसएमओ) डॉ. गुरवरिंदर सिंह ने कहा कि यह मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि पीड़ित परिवार लिखित शिकायत देता है, तो एक जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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