पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स: मोगा के प्राइवेट अस्पताल की नर्स ने IVF से पैदा बच्चा 4.25 लाख में बेचा; वकील की गोली लगने से मौत – Jalandhar News

पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स:  मोगा के प्राइवेट अस्पताल की नर्स ने IVF से पैदा बच्चा 4.25 लाख में बेचा; वकील की गोली लगने से मौत – Jalandhar News


मोगा में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) से जन्मी जुड़वां बच्चियों में से एक को 4.25 लाख रुपए में बेच दिया गया। डेढ़ साल पहले हुई इस वारदात का खुलासा तब हुआ, जब मुंबई का खरीदार बच्ची का कानूनी गोदनामा बनवाने उसके असली परिवार के पास पहुंच गया।

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इसके बाद पुलिस ने मोगा की एक नर्स, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के कथित दलाल और मुंबई के खरीदार दंपती के खिलाफ मानव तस्करी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

DSP सिटी जतिंदर सिंह ने बताया कि अमृतसर के वल्ला गांव की परमजीत कौर ने शिकायत में बताया कि IVF उपचार के बाद उन्होंने 6 दिसंबर 2024 को मोगा के एक निजी अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। अस्पताल की नर्स बलवीर कौर उर्फ वीरपाल कौर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उसकी मौसी की बेटी निसंतान है और यदि वे एक बच्ची दे दें तो उसकी परवरिश, पढ़ाई, शादी और संपत्ति की जिम्मेदारी वह परिवार उठाएगा।

परिवार नर्स की बातों में आ गया और 8 दिसंबर 2024 को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के बच्ची उसे सौंप दी। बाद में जब परिवार बच्ची से मिलने की बात करता, तो नर्स बहाने बनाती रही या किसी दूसरी बच्ची से मिलवा देती।

मामले का खुलासा 27 अप्रैल 2026 को हुआ, जब मुंबई का रहने वाला मेहुल निखिल शाह परिवार के घर पहुंचा। उसने बताया कि उसने 9 दिसंबर 2024 को चंडीगढ़ टोल प्लाजा के पास गाजियाबाद के रहने वाले राहुल उर्फ सलीम अहमद से 4.25 लाख रुपए में बच्ची खरीदी थी और उसे दिल्ली एयरपोर्ट से मुंबई ले गया।

हरियाणा पुलिस की बच्चा तस्करी गिरोह की जांच के दौरान पूछताछ होने पर वह बच्ची का वैध गोदनामा कराने पंजाब पहुंचा, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।

मोगा में अकाली नेता के बेटे की गोली लगने से मौत, पेशे से एडवोकेट था

मोगा जिले के कस्बा बुट्टर में शनिवार देर रात एक एडवोकेट की अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान एडवोकेट अमनिंदर सिंह (35) के रूप में हुई है। वह शिरोमणि अकाली दल के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ नेता हरभूपिंदर सिंह लाडी के बेटे थे।

जानकारी के अनुसार, देर रात उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर से अचानक गोली चल गई। गोली कैसे चली इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। गोली लगने से उन्हें गंभीर चोट आई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

एडवोकेट अमनिंदर सिंह के निधन पर परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और राजनीतिक व सामाजिक वर्ग में दुख का माहौल है। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। (पढ़ें पूरी खबर)



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