कांगड़ा पुलिस ने पकड़ा हाइटेक ड्रग सिंडिकेट: वीडियो-गूगल मैप से चलती थी सप्लाई चेन, पंजाब के जालंधर से चलता था नेटवर्क, 16 गिरफ्तार – Dharamshala News
हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में कांगड़ा पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत पुलिस ने पंजाब के जालंधर से संचालित हो रहे एक हाईटेक और बेहद संगठित अंतरराज्यीय हेरोइन (चिट्टा) तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। तीन अलग-अलग चरणों में चलाई गई इस त्वरित एवं गुप्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) अभिषेक सहोटा सहित कुल 16 आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है। इस बड़ी कामयाबी के दौरान पुलिस ने 167.18 ग्राम चिट्टा, एक मालवाहक वाहन और 14 डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जानिए कैसे चलता यह हाइटेक नेटवर्क: ‘डेड ड्रॉप’ और ‘गूगल मैप’ का उपयोग पुलिस की तफ्तीश में इस ड्रग सिंडिकेट के काम करने का जो तरीका (मॉडस ऑपेरंडी) सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। मुख्य सरगना अभिषेक सहोटा ने कांगड़ा जिले में नशे की निर्बाध सप्लाई बनाए रखने के लिए बाकायदा 8 वितरण काउंटर स्थापित कर रखे थे। वित्तीय कड़ियां: एक साल में 80 लाख का संदिग्ध ट्रांजेक्शन जांच में सामने आया है कि नशे के इस कूटनीतिक नेटवर्क में पैसों का लेनदेन पूरी तरह से डिजिटल था। पुलिस को गुमराह करने के लिए तस्कर क्यूआर (QR) कोड स्कैनर और विभिन्न लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से कई बेनामी बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस ने जब इस रैकेट की वित्तीय कड़ियों को खंगाला, तो पता चला कि पिछले महज एक साल के भीतर इस नेटवर्क के जरिए करीब 80 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जिसमें से अकेले 1 जनवरी 2026 से अब तक लगभग 39 लाख रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। तीन चरणों में चला मेगा सर्च ऑपरेशन पालमपुर थाना और सीआईए (CIA) कांगड़ा की टीमों ने पुख्ता खुफिया इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर इस पूरे ऑपरेशन को तीन रणनीतिक चरणों में अंजाम दिया: आरोपियों की अब संपत्ति होगी फ्रीज: एसपी अशोक रतन ने बताया कि हमारी टीम ने पूरे ड्रग सिंडिकेट की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को पूरी तरह से डिकोड कर लिया है। अब इस संगठित गिरोह के अन्य मददगारों की धरपकड़ की जा रही है। इसके साथ ही, आरोपियों द्वारा नशे की काली कमाई से जुटाई गई अवैध संपत्ति को खंगाला जा रहा है, जिसे एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत जल्द ही फ्रीज किया जाएगा।”
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