ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लंबा इंतजार, अपॉइंटमेंट के लिए एक माह की वेटिंग – Jalandhar News
वारिस मलिक | जालंधर सड़क पर बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन दूसरी ओर लाइसेंस बनवाने के इच्छुक लोगों को लंबा इंतजार और कई तरह की प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जालंधर के ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर सीमित स्लॉट और बढ़ती आवेदकों की संख्या के कारण लोगों को अपॉइंटमेंट के लिए करीब एक महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। बस स्टैंड के नजदीक स्थित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर रोजाना केवल 120 अपॉइंटमेंट स्लॉट उपलब्ध हैं। इसी ट्रैक पर जालंधर शहर के अलावा करतारपुर, आदमपुर, भोगपुर और कैंट क्षेत्र के आवेदकों के ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ने से उपलब्ध स्लॉट कम पड़ रहे हैं और कई लोगों को एक महीने बाद की तारीख मिल रही है। स्थिति उन लोगों के लिए और अधिक गंभीर है, जिनका निर्धारित दिन पर काम नहीं हो पाता। ऐसे आवेदकों को री-शेड्यूल अपॉइंटमेंट के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिनके लर्निंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के करीब है। समय पर ड्राइविंग टेस्ट नहीं हो पाने की स्थिति में कई आवेदकों को दोबारा लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। नया ट्रैक बनाने की योजना अटकी… बढ़ते दबाव को देखते हुए परिवहन विभाग ने नकोदर या शाहकोट सब-डिवीजन में नया ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने की संभावना पर विचार किया था। हालांकि पर्याप्त जमीन उपलब्ध न होने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। नतीजतन पूरा भार मौजूदा ट्रैक पर ही बना हुआ है। शहर में लगातार बढ़ रही आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए लोग अब नए ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि या तो जालंधर अथवा किसी नजदीकी सब-डिवीजन में नया ट्रैक बनाया जाए या फिर मौजूदा ट्रैक पर प्रतिदिन उपलब्ध 120 स्लॉट बढ़ाकर 150 से 200 किए जाएं। इससे अपॉइंटमेंट की लंबी वेटिंग कम होगी और लोगों को समय पर लाइसेंस संबंधी सेवाएं मिल सकेंगी।
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