महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर जत्था पाकिस्तान रवाना: पहला ग्रुप बगैर दर्शन लौटा था, HSGMC प्रधान ने CM मान को बताया पंथ विरोधी – Kurukshetra News

महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर जत्था पाकिस्तान रवाना:  पहला ग्रुप बगैर दर्शन लौटा था, HSGMC प्रधान ने CM मान को बताया पंथ विरोधी – Kurukshetra News


कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से जत्थे को रवाना करते कमेटी के मेंबर्स।

हरियाणा के सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शनिवार को पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा के लिए फिर से रवाना हुआ। यह जत्था महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर धार्मिक यात्रा करने गया है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कुरु

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इस बार हरियाणा से कुल 68 श्रद्धालु पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा पर गए हैं। इनमें 33 श्रद्धालु ऐसे हैं, जिन्हें 10 जून को अटारी-वाघा बॉर्डर से वापस लौटना पड़ा था। अब गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें दोबारा यात्रा का मौका मिला है। आज रात यह जत्था अमृतसर पहुंचेगा और पाकिस्तान से 30 जून को वापस आएगा।

पाकिस्तान जा रहे श्रद्धालु को उसका पासपोर्ट लौटाते कमेटी के प्रधान।

पहले अधूरी रह गई थी यात्रा

दरअसल, 9 जून को हरियाणा से 94 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान में गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुआ था। जत्थे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ बसों में सवार होकर अटारी बॉर्डर पहुंचे थे। उन्हें 10 जून को पाकिस्तान में प्रवेश करना था।

यात्रा के दौरान गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने और विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने का कार्यक्रम तय था। श्रद्धालुओं को 19 जून को वापस लौटना था। श्रद्धालुओं के पास वीजा समेत सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन भारतीय गृह मंत्रालय से अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण उन्हें अटारी बॉर्डर पर रोक दिया गया।

अटारी बॉर्डर पर 10 जून को पाकिस्तान में प्रवेश करने का इंतजार करते हरियाणा के सिख श्रद्धालु।

अटारी बॉर्डर पर 10 जून को पाकिस्तान में प्रवेश करने का इंतजार करते हरियाणा के सिख श्रद्धालु।

देर रात तक नहीं मिली थी मंजूरी

श्रद्धालु देर रात तक अनुमति का इंतजार करते रहे, लेकिन मंजूरी नहीं मिली और उन्हें लौटना पड़ा। सबसे ज्यादा निराशा इस बात को लेकर रही कि उसी दौरान पंजाब और दिल्ली से गए श्रद्धालुओं के जत्थों को पाकिस्तान में प्रवेश मिल गया था। उनके लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से जरूरी अनुमति पहले ही प्राप्त कर ली गई थी।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

शिरोमणि अकाली दल (SAD) हरियाणा के अध्यक्ष हरिकेश मोहड़ी ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम 12 जून को DC विश्राम कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा था। SAD की ओर से मामले की जांच के लिए 5 मांग रखी गई थी।

भगवंत मान पंथ विरोधी करार- झींडा

कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने जांच-पड़ताल के बाद ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ विरोधी करार दिया है। अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। भगवंत मान का अकाल तख्त साहिब पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।

UK में गुरुद्वारे की जमीन कराएंगे मुक्त

झींडा ने कहा कि उत्तराखंड (UK) के हरिद्वार में गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की जमीन को मुक्त कराने के लिए HSGMC हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब और उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखा जाएगा। आरोप लगाया कि गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की जमीन पर आज बाजार बना दिया गया है। कमेटी अपने खर्च पर इस मामले को आगे बढ़ाएगी।

मीडिया से बातचीत करते कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा।

मीडिया से बातचीत करते कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा।

निशान साहिब के अपमान पर लिखेंगे पत्र

आरोप लगाया कि उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे सिख श्रद्धालुओं को रोकने, मारपीट करने और निशान साहिब का अपमान किया गया। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए।



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