GMCH-32 के गर्ल्स हॉस्टल में घुसा जूनियर डॉक्टर: महिला रेजिडेंट ने लगाए छेड़खानी के आरोप, पुलिस शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन – Chandigarh News

GMCH-32 के गर्ल्स हॉस्टल में घुसा जूनियर डॉक्टर:  महिला रेजिडेंट ने लगाए छेड़खानी के आरोप, पुलिस शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन – Chandigarh News




गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) सेक्टर-32 में महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। साइकियाट्री विभाग के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर पर अपनी ही बैचमेट महिला डॉक्टर के हॉस्टल रूम में जबरन घुसने, अभद्र व्यवहार करने और लंबे समय से उसका पीछा करने के आरोप लगे हैं। मामले के सामने आने के बाद संस्थान ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है, जबकि पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला 18 से 20 मई का है। जिसमें अब इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) नें जांच पूरी कर ली है। घटना ने मेडिकल कॉलेज परिसर में महिला रेजिडेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। दो बार गर्ल्स हॉस्टल में घुसने का आरोप विभागाध्यक्ष (एचओडी) के माध्यम से प्रशासन को भेजी गई शिकायत में महिला जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उसका पुरुष बैचमेट दो अलग-अलग मौकों पर लड़कियों के हॉस्टल में घुस आया और उसके कमरे में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की। शिकायत के अनुसार यह घटनाएं 18 मई और 20 मई को हुईं। आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने हॉस्टल परिसर में अनुचित व्यवहार किया और अश्लील इशारे भी किए। हालांकि सूत्रों का कहना है कि जिस समय कमरे में जबरन प्रवेश की घटना हुई, उस समय महिला डॉक्टर कमरे के अंदर मौजूद नहीं थी। पुलिस शिकायत के बाद तेज हुई कार्रवाई मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की प्रतिक्रिया को लेकर उठ रहा है। कैंपस से जुड़े लोगों का कहना है कि दोनों घटनाओं के बावजूद तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं की गई और मामला कई सप्ताह तक लंबित रहा। आखिरकार पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद मामला गंभीरता से लिया गया और संस्थान के भीतर जांच प्रक्रिया को गति मिली। बैचमेट्स का दावा- लंबे समय से कर रहा था पीछा पीड़िता की एक बैचमेट ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि आरोपी डॉक्टर काफी समय से महिला डॉक्टर का पीछा कर रहा था। उसका दावा है कि लगातार स्टॉकिंग की वजह से पीड़िता मानसिक दबाव में थी और कॉलेज परिसर में असुरक्षा का माहौल बन गया था। छात्रों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। ICC को सौंपी गई जांच विवाद बढ़ने के बाद जीएमसीएच प्रशासन ने मामले को इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) के पास भेज दिया। कमेटी ने दोनों पक्षों से बातचीत करने के साथ-साथ मामले की विस्तृत जांच की और अपनी रिपोर्ट संस्थान को सौंप दी है। जीएमसीएच-32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. रवनीत कौर ने पुष्टि की कि आईसीसी ने जांच पूरी कर ली है और दोनों डॉक्टरों के परिवारों से भी बातचीत की गई है। डॉ. रवनीत कौर के अनुसार आईसीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी डॉक्टर इस समय सामान्य मानसिक स्थिति में नहीं है और घटना के बाद से काफी परेशान है। प्रशासन ने अंतिम दंडात्मक कार्रवाई से पहले आरोपी डॉक्टर की अनिवार्य काउंसलिंग कराने का फैसला लिया है।



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