ड्यूटी के दौरान बरनाला के अग्निवीर जवान की मौत: परिवार की शहीद का दर्जा देने की माग, यूपी में कर रहा था ट्रेनिंग, हार्ट अटैक की आशंका – Barnala News
पंजाब के बरनाला शहर निवासी 22 वर्षीय युवा अग्निवीर जवान जशनप्रीत सिंह का उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में सैन्य प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) के दौरान निधन हो गया। उसके निधन से परिवार नहीं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जशनप्रीत के सैनिक परिवार ने सरकार और भारतीय सेना से मांग की है कि उनके बेटे को ‘शहीद’ का दर्जा और उचित सैन्य सम्मान दिया जाए। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में कठिन सैन्य प्रशिक्षण के दौरान जशनप्रीत सिंह को अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा, जिसके कारण उनका असामयिक निधन हो गया। हालांकि, मौत के वास्तविक और सटीक कारणों की पुष्टि के लिए अभी सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान या अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है। प्रशासनिक और सैन्य जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। ड्यूटी पर गया बेटा, उसे शहीद का सम्मान मिले: पिता बूटा सिंह जशनप्रीत के पिता पूर्व सैनिक बूटा सिंह ने भावुक होते हुए कहा, “हमारा परिवार पीढ़ियों से सरहद की रक्षा करता आ रहा है। मेरा बेटा सेना की ड्यूटी निभाते हुए और देश के लिए ट्रेनिंग करते हुए दुनिया से गया है। इसलिए उसे शहीद का दर्जा और सम्मान मिलना ही चाहिए।” मां का छलका दर्द: जवान बेटे को खोने के गम में डूबी माता चरणजीत कौर ने रोते हुए कहा कि एक मां के लिए अपने 22 साल के जवान बेटे का शव देखना सबसे बड़ा दुख है। उन्होंने कहा कि ईश्वर करे कि यह दिन किसी भी मां को न देखना पड़े। पीढ़ियों से देश सेवा में जुटा है परिवार जशनप्रीत सिंह का नाता एक ऐसे परिवार से जुड़ा है, जो पीडियों से देश सेवा से जुड़ा है। देश सेवा का जज्बा उनके खून में था। उनके पिता बूटा सिंह भारतीय सेना में लगभग 19 वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनके बड़े भाई अरशदीप सिंह भी वर्तमान में भारतीय सेना में देश की रक्षा कर रहे हैं। जशनप्रीत ने भी 12वीं कक्षा पास करने के बाद करीब डेढ़ वर्ष पहले ‘अग्निवीर योजना’ के तहत सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार जशनप्रीत सिंह का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर बरनाला लाया जा रहा है, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। देश के लिए जान गंवाने वाले इस युवा जांबाज को भारतीय सेना की टुकड़ी द्वारा पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी जाएगी। इस अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों, राजनेताओं और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है। फिलहाल, पूरा शहर इस जांबाज युवा सैनिक को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।
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