किसान नेता बोले- राहत देने के बजाय आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही सरकार – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष की ओर से सूबा प्रधान पलविंदर सिंह माहल की अगुवाई में पंजाब के विभिन्न जिलों में केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी और विफल नीतियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए पुतले फूंके गए। डीसी दफ्तर के बाहर चौक में यह प्रदर्शन जिला प्रधान रणजीत सिंह राणा की मौजूदगी में जिला मुख्यालय में किया गया, जिसमें जिला कमेटी, ब्लॉक प्रधानों, इकाई प्रधानों और बड़ी संख्या में संगठन के सदस्यों ने भाग लिया। दोपहर 12:30 से लेकर 1:30 तक चले प्रदर्शन में नेताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम लोगों, किसानों और मजदूरों की कमर तोड़ दी है। तेल की बढ़ती कीमतों, खाद की कमी और महंगे दामों पर उपलब्धता के कारण किसान परेशान हैं, जबकि रसोई और अन्य जरूरी सामान की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राहत देने के बजाय आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें कम रहने के बावजूद तेल कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया और आम जनता को महंगा तेल बेचा। अब कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी का भार भी लोगों पर डाला जा रहा है। संगठन ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने तथा बड़े कॉरपोरेट घरानों पर अधिक टैक्स लगाने की मांग की। सूबा प्रधान पलविंदर सिंह माहल ने कहा कि केंद्र सरकार जन मुद्दों से पूरी तरह बेपरवाह हो चुकी है और कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां लागू कर रही है। भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष के सूबा प्रधान पलविंदर सिंह माहल ने कहा कि केंद्र सरकार आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को खाद और डीजल जैसी जरूरी चीजें महंगे दामों पर मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की बजाय आम जनता को राहत देनी चाहिए। रोष प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष के सूबा प्रधान पलविंदर सिंह माहल, जिला प्रधान रणजीत सिंह राणा, महासचिव जगतार सिंह झंजोटी, सतनाम सिंह कोटला खजांची, जिला नेता जसविंदर सिंह, बिट्टा माहल, गुरविंदर सिंह आदि मौजूद थे।
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