कर्मचारियों ने भैंस के आगे बीन बजाकर किया प्रदर्शन – Jalandhar News
भास्कर न्यूज| जालंधर एनपीएस कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को पूर्ण रूप से लागू न किए जाने के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जालंधर जिला मुख्यालय के सामने सीपीएफ कर्मचारी यूनियन, पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति और पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा द्वारा संयुक्त रूप से पुरानी पेंशन बहाली साझा मंच के बैनर तले विशाल रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने भैंस के आगे बीन बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार भैंस के आगे बीन बजाने का कोई प्रभाव नहीं होता, उसी तरह पंजाब सरकार भी कर्मचारियों की जायज मांगों के प्रति बहरी बनी हुई है। सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के प्रदेश प्रधान सुखजीत सिंह डिंपी और अन्य नेताओं ने याद दिलाया कि सरकार ने 18 नवंबर 2022 को पुरानी पेंशन बहाल करने का नोटिफिकेशन तो जारी किया था, लेकिन चार साल बीतने के बावजूद इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया। बार-बार बैठकों का समय देकर रद्द करना सरकार की टालमटोल की नीति को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार खजाना खाली होने का हवाला देकर हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद डीए का बकाया नहीं दे रही और डबल बेंच में अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। महिलाओं को मासिक राशि देने के चुनावी वादे भी अब तक विज्ञापनों तक ही सीमित हैं। इसके अलावा, 15 जनवरी 2015 और 17 जुलाई 2020 के पत्रों को रद्द न करना, ग्रामीण भत्ता और एसीपी स्कीम का लाभ न मिलना कर्मचारियों के बढ़ते रोष का मुख्य कारण है। आगामी संघर्ष की घोषणा करते हुए सुखजीत सिंह डिंपी ने बताया कि 4 जुलाई को मोगा में एक विशेष कन्वेंशन होगी, जिसमें मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के लिए खाली कुर्सियां रखकर उनसे जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद 23 अगस्त को मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सतोज में राज्यस्तरीय रैली की जाएगी। कर्मचारियों ने दो-टूक कहा कि वे विधानसभा चुनावों का इंतजार कर रहे हैं और सरकार की कर्मचारी-विरोधी नीतियों का जवाब वोट की चोट से देंगे। इस अवसर पर कमलजीत सिंह, वेद राज, कुलदीप वालिया, सुभाष मट्टू, करनैल फिल्लौर, संगत राम और भारी संख्या में महिला कर्मचारी उपस्थित रहीं।
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