चंडीगढ़ ‌BJP अध्यक्ष बोले-पंजाबी इमोशनल ब्लडी फूल: कांग्रेस बोली-बयान पर भाजपा माफी मांगे; मल्होत्रा बोले-वह भी खुद पंजाबी – Chandigarh News

चंडीगढ़ ‌BJP अध्यक्ष बोले-पंजाबी इमोशनल ब्लडी फूल:  कांग्रेस बोली-बयान पर भाजपा माफी मांगे; मल्होत्रा बोले-वह भी खुद पंजाबी – Chandigarh News




चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा के एक बयान पर पंजाब की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने एक प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा था कि “जो पंजाबी होते हैं न, वो इमोशनली ब्लडी फूल होते हैं”। अब इस मामले में पंजाब और चंडीगढ़ कांग्रेस खुलकर सामने आ गई है। पंजाब कांग्रेस प्रधान का कहना है कि मल्होत्रा ने पंजाबियों का मजाक बनाया है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। जबकि चंडीगढ़ कांग्रेस भाजपा दफ्तर के बाहर प्रदर्शन की तैयारी में है। दूसरी तरफ जितेंद्र मल्होत्रा ने अपने इस शब्द के लिए माफी मांग ली है। उनका कहना है कि वह ओडिशा से नहीं, बल्कि पंजाब से हैं। उन्होंने कहा कि एक तारीख को प्रोग्राम में उन्होंने यह बात कही थी, लेकिन आज 17 दिन बाद इस बात को कैसे वायरल किया गया है। अब जानिए किस शब्द पर विवाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें भाजपा चंडीगढ़ के प्रधान जतिंदर मल्होत्रा कह रहे हैं कि “मैं कई बार कहता हूं, जो पंजाबी होते हैं न, वो इमोशनली ब्लडी फूल होते हैं”। इस पर विवाद हो गया है। वीडियो आज वायरल हुई है। पंजाबी भावुक, लेकिन मूर्ख नहीं पंजाब कांग्रेस के प्रधान ने इस बारे में मल्होत्रा की पोस्ट अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर लिखा है कि चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष की जुबान देखिए। पंजाबियों को इमोशनल ब्लडी फूल कहकर भाजपा ने एक बार फिर पंजाब और पंजाबियत के प्रति अपनी सोच उजागर कर दी है। जो कौम देश की सीमाओं की रक्षा करती है, अन्न पैदा कर देश का पेट भरती है और हर संकट में सबसे आगे खड़ी होती है, उसी कौम का अपमान करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पंजाबी भावुक जरूर हैं, लेकिन मूर्ख नहीं। अपने स्वाभिमान और अधिकारों के लिए खड़ा होना हमारी पहचान है। भाजपा को पंजाबियों से माफी मांगनी चाहिए।
पंजाबियों ने कृषि कानूनों का जवाब दिया कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने पोस्ट डालकर लिखा है, “पंजाबीज आर इमोशनल ब्लडी फूल्स”। यह बयान पंजाबियों के प्रति भाजपा की सोच को दर्शाता है। लेकिन भाजपा को याद रखना चाहिए कि पंजाबी आपकी कृषि कानूनों की साजिश में नहीं फंसे थे। पूरा पंजाब एकजुट होकर खड़ा हुआ, उन कानूनों को वापस करवाया और इसी सोच को करारा जवाब दिया। चाहे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का मामला हो या पंजाब विधानसभा चुनाव का, पंजाबी आगे भी उस सोच का जवाब देते रहेंगे जो उन्हें कम आंकती है और यह मानकर चलती है कि उन्हें हल्के में लिया जा सकता है। पंजाब ने हमेशा एकता, जागरूकता और साहस के साथ जवाब दिया है।



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