बरनाला में जमीन सौदे में किसान से धोखाधड़ी: बीकेयू डकौंदा के संघर्ष के बाद ब्याज सहित लौटाए गए 47 लाख रुपए – Barnala News
बरनाला में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) एकता डकौंदा ने खुड्डी कलां गांव के एक किसान जरनैल सिंह को जमीन सौदे में हुई धोखाधड़ी के बाद न्याय दिलाया है। यूनियन के हस्तक्षेप के बाद धोखाधड़ी करने वाली पार्टी को किसान को ब्याज सहित 47 लाख रुपए लौटाने पड़े। यह राशि मीडिया की उपस्थिति में पीड़ित किसान को सौंपी गई। दरअसल, नवंबर माह में एक पार्टी ने किसान जरनैल सिंह के साथ 35 लाख 50 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन का सौदा किया था। इस सौदे के तहत जरनैल सिंह से 22 लाख रुपए बयाना (एडवांस) के तौर पर लिए गए थे। हालांकि, बाद में पता चला कि यह जमीन पहले ही किसी और को भी बयाना की जा चुकी थी। तय तारीख पर किसान जरनैल सिंह तहसीलदार तपा के कार्यालय में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचे, लेकिन जमीन बेचने वाली पार्टी और दलाल वहां नहीं आए। दलालों के चक्कर काटने के बाद जब जरनैल सिंह को न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक कमेटी ने मुद्दे को अपने हाथ में लिया मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनियन की खुड्डी कलां इकाई और ब्लॉक कमेटी बरनाला ने इस मुद्दे को अपने हाथ में लिया। ब्लॉक प्रधान बाबू सिंह खुड्डी कलां सहित सतनाम सिंह, गुरमीत सिंह सुखपुरा, अंग्रेज सिंह, हरपाल सिंह पाली, मघ्घर सिंह सुखपुरा, मक्खन सिंह, जगजीत सिंह और महिंदर सिंह जैसे नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। लगभग 15 दिनों के कड़े संघर्ष और सीआईए इंचार्ज बलजीत सिंह की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। समझौते के तहत, धोखाधड़ी करने वालों को बयाने की दोगुनी रकम और ब्याज मिलाकर कुल 47 लाख रुपए जरनैल सिंह को वापस देने का फैसला सुनाया गया। यह पूरी रकम आज मीडिया के सामने पीड़ित किसान जरनैल सिंह को सौंप दी गई, जिससे उन्हें न्याय मिल सका। एकता और सही दिशा में संघर्ष से ही मिलता है इंसाफ: किसान नेता इंसाफ मिलने के बाद पीड़ित किसान जरनैल सिंह खुड्डी कलां ने गांव वासियों, बीकेयू एकता डकौंदा और उगराहा यूनियन का दिल से धन्यवाद किया। इस पूरे मामले को सुलझाने में कुलविंदर सिंह उपली, गोपाल कृष्ण हमीदी, राज सिंह हमीदी, निर्भय सिंह उपली, बलवंत सिंह ठीकरीवाल, कुलवंत सिंह हंड्याया, बंत सिंह हंड्याया, गुरमीत सिंह बरनाला, वाहेगुरु सिंह बरनाला और हरी सिंह भग्तपुरा ने अहम भूमिका निभाई। किसान नेताओं ने कहा कि यह जीत साबित करती है कि अगर संगठन में एकता हो और संघर्ष सही दिशा में लड़ा जाए, तो किसी भी तरह के अन्याय को हराया जा सकता है। उन्होंने किसानों से आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन को और मजबूत करने की अपील की।
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