जीरकपुर छत लाइट प्वाइंट फिर बना हादसा स्पॉट: आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, देर रात दो ट्रालों की टक्कर, बंद सिग्नल सुरक्षा पर सवाल – Mohali News

जीरकपुर छत लाइट प्वाइंट फिर बना हादसा स्पॉट:  आए दिन हो रही दुर्घटनाएं, देर रात दो ट्रालों की टक्कर, बंद सिग्नल सुरक्षा पर सवाल – Mohali News




मोहाली ज़ीरकपुर के छत लाइट प्वाइंट पर बुधवार देर रात दो ट्रालों के बीच हुई भीषण टक्कर ने एक बार फिर इस व्यस्त चौराहे की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस हादसे में एक ट्राला चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय निवासियों और सड़क सुरक्षा कर्मियों के अनुसार, यह चौराहा अब लगातार हादसों का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। आधी रात को हुआ हादसा, यातायात रहा बाधित यह दुर्घटना बुधवार रात करीब 12 से 1 बजे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से पटियाला की तरफ जा रहा एक खाली ट्राला और एयरपोर्ट रोड से अंबाला की ओर जा रहा दूसरा ट्राला छत लाइट प्वाइंट पर आपस में बुरी तरह टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसके बाद काफी देर तक चौराहे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। रात में ट्रैफिक सिग्नल बंद होना बन रहा काल प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने इस हादसे के पीछे प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर किया है कि हादसे के वक्त चौराहे पर लगे ट्रैफिक सिग्नल बंद थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात जब भारी वाहनों (ट्रकों और ट्रालों) की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है, तब सिग्नलों को बंद कर दिया जाता है, जो हादसों का सबसे बड़ा कारण है। रात के समय सिग्नल बंद होने या सिर्फ पीली बत्ती (ब्लिंकर) चलने के कारण वाहन चालक बेहद तेज गति से चौराहे को पार करते हैं, जिससे गाड़ियों के बीच टक्कर की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। सड़क सुरक्षा फोर्स का खुलासा: हर हफ्ते हो रहे हैं हादसे सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF-112) के इंचार्ज सुनील कुमार ने इस चौराहे को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि छत लाइट प्वाइंट हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो चुका है कि इस चौराहे पर लगभग हर सप्ताह, खासकर बुधवार और गुरुवार की रात को कोई न कोई सड़क हादसा जरूर होता है। अधिकांश दुर्घटनाएं रात 12 बजे से सुबह 3 बजे के बीच दर्ज की जाती हैं। स्थिति इतनी चुनौतीपूर्ण है कि क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने के लिए कई बार हमें अपने स्तर पर ही हाइड्रा मशीन और अन्य संसाधनों का इंतजाम करना पड़ता है।” प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी से कड़े कदम उठाने की मांग हादसे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और सड़क सुरक्षा फोर्स की टीमें मौके पर पहुंचीं और क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर यातायात को सुचारू करवाया। इस लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्थानीय लोगों और राहगीरों ने प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) से पुरजोर मांग की है कि छत लाइट प्वाइंट पर रात के समय भी ट्रैफिक सिग्नलों को पूरी तरह चालू रखा जाए। चौराहे के चारों तरफ अतिरिक्त चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर (लाइट संकेतक) लगाए जाएं। रात के समय वाहनों की गति सीमा तय करने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में किसी बड़े और जानलेवा हादसे को रोका जा सके।



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