नशे से उजड़े 14 परिवारों का दर्द छलका: जगराओं में रोष मार्च, ओवरडोज मौतों की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग – Jagraon News

नशे से उजड़े 14 परिवारों का दर्द छलका:  जगराओं में रोष मार्च, ओवरडोज मौतों की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग – Jagraon News




जगराओं में नशे की ओवरडोज से युवाओं की लगातार हो रही मौतों के विरोध में सोमवार को माहौल भावुक और आक्रोशपूर्ण रहा। पेंडू मजदूर यूनियन के नेतृत्व में उन परिवारों ने रोष मार्च निकाला, जिन्होंने नशे के कारण अपने बेटों, पतियों और भाइयों को खो दिया है। प्रदर्शनकारी बस स्टैंड परिसर में एकत्र हुए और सरकार की “युद्ध नशे के विरुद्ध” मुहिम पर सवाल उठाते हुए पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल परिजनों ने आरोप लगाया कि नशे की ओवरडोज से होने वाली मौतों को कई मामलों में हार्ट अटैक बताकर दबाने की कोशिश की जाती है। उनका कहना था कि जब वे इन मामलों को सार्वजनिक करने या शिकायत दर्ज कराने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें सामाजिक बदनामी और परिवार के भविष्य का हवाला देकर चुप रहने के लिए दबाव बनाया जाता है। यूनियन नेता बोले- कई पीड़ित युवकों पर दर्ज हुए केस यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय कई बार पीड़ित युवकों पर ही मामले दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली से नशे के कारोबार को संरक्षण मिलने का संदेह पैदा होता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नशे से हुई मौतों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों और कथित मिलीभगत में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बस स्टैंड पर प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद दर्दभरा रहा। करीब 14 मृतक परिवार अपने प्रियजनों की तस्वीरें हाथों में लेकर न्याय की मांग करते नजर आए। कई महिलाएं और बुजुर्ग रोते हुए अपने परिवारों की दास्तां सुना रहे थे। रानी वाला खूह क्षेत्र की एक छोटी बच्ची अपने दिवंगत पिता की तस्वीर सीने से लगाए बिलखती रही। वहीं मृतक शरणजीत सिंह की पत्नी ने बताया कि उनके तीन छोटे बच्चे हैं और पति की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। गुरमीत सिंह बोले- मेरे दो बेटों की हुई मौत गुरमीत सिंह ने बताया कि उनके दोनों बेटों की मौत नशे के कारण हो चुकी है और अब वह अकेले जीवन गुजार रहे हैं। माई जीना क्षेत्र की मनजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनके इलाके में खुलेआम नशा बिकता रहा, लेकिन शिकायत करने पर उन्हें डराया गया। प्रदर्शनकारियों ने लगभग 15 नशा पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा, रोजगार, बच्चों की शिक्षा, विधवाओं के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई और नशा मुक्ति केंद्रों में बेहतर उपचार व काउंसलिंग सुविधाएं बढ़ाने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शन के अंत में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई।



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