बंदी सिंहों की रिहाई के लिए ‘आर-पार’ के मूड मे: कौमी इंसाफ मोर्चा,9 जून को लाडोवाल टोल फ्री, 4 जुलाई को रेल चक्का जाम की बड़ी चेतावनी – Ludhiana News
पंजाब में एक बार फिर से बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बंदी सिंहों (लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर मोहाली में पक्का मोर्चा लगाए बैठा ‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ अब अपने प्रदर्शन को पंजाबव्यापी बनाने की तैयारी में है। लुधियाना में हुई एक अहम बैठक के बाद मोर्चे के मुख्य प्रवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ बड़े मोर्चे का ऐलान कर दिया है। मोर्चे के मुख्य प्रवक्ता गुरदीप सिंह बठिंडा और गुरिंदर सिंह भंगू ने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य सरकार को चुनौती देते हुए आगामी दिनों के लिए एक बेहद आक्रामक और विवादित रूपरेखा तैयार की है। बिना कसूर जेलों में बंद सिंहों की रिहाई तक थमेगा नहीं आंदोलन लुधियाना की मीटिंग के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए मोर्चे के नेताओं ने कहा कि वे देश विदेश और पंजाब की संगतों के सहयोग से इस आंदोलन को हर घर तक पहुंचा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सिख कैदी अपनी सजाएं पूरी करने के बावजूद, बिना किसी ठोस कानूनी आधार के जेलों की सलाखों के पीछे रखे गए हैं। कौमी इंसाफ मोर्चे ने साफ किया है कि अब बातचीत का समय निकल चुका है और जब तक इन कैदियों की रिहाई नहीं होती,तब तक पंजाब की धरती पर प्रदर्शन और तीखे किए जाएंगे। रणनीति तैयार: टोल फ्री से लेकर राजभवन के घेराव तक का पूरा शेड्यूल मोर्चे ने सरकार को घुटनों पर लाने के लिए सिलसिलेवार आंदोलनों का खाका तैयार किया है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है: 9 जून : लुधियाना का सबसे व्यस्त रहने वाला लाडोवाल टोल प्लाजा दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक (2 घंटे के लिए) पूरी तरह ‘पर्ची मुक्त’ यानी टोल फ्री किया जाएगा। 4 जुलाई को रेल रोको आंदोलन: आंदोलन को और आक्रामक रूप देते हुए **राजपुरा से दोपहर 12 से 2 बजे तक (2 घंटे के लिए) रेल चक्का जाम किया जाएगा, जिससे दिल्ली-अमृतसर रूट पर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा टकराव): सबसे बड़ा और विवादास्पद ऐलान 15 अगस्त को लेकर किया गया है। जहां एक तरफ पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा होगा, वहीं कौमी इंसाफ मोर्चा बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब के राज्यपाल (गवर्नर) के घेराव के लिए कूच करेगा। कौमी इंसाफ मोर्चे के इस अचानक और बड़े ऐलान के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। खासकर 9 जून को लाडोवाल टोल प्लाजा को जबरन फ्री करवाने और 15 अगस्त को राजभवन के घेराव की चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोर्चे के इस कड़े रुख के बाद आने वाले दिनों में पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है।
Source link

