चंडीगढ़ को बरसात से बचाने की स्ट्रेटजी: मेयर का चीफ सेक्रेटरी को लैटर, एनचो और पटियाला की राव की सिल्ट निकाली जाए, वरना होगी मुश्किल – Chandigarh News
शहर में मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम स्ट्रेटजी बनाने में जुट गया है। मेयर सौरभ जोशी ने यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद को एक तत्काल पत्र लिखा है। साथ ही मांग की है शहर के दो प्रमुख बरसाती नालों ‘एन-चो’ और ‘पटियाला की राव’की तुरंत सिल्ट (गाद) निकालने, सफाई करने और उनके किनारों को मजबूत किया जाए। मेयर ने चेतावनी दी है कि अगर मानसून से पहले यह काम नहीं किया गया, तो शहरवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मेयर ने लैटर में उठाई यह तीन बातें – हर साल डूबते हैं कई इलाके मेयर ने अपने पत्र में साफ कहा है कि हर साल भारी बारिश के दौरान शहर के कई सेक्टरों, गांवों और कॉलोनियों में गंभीर जलभराव हो जाता है। नालों के ओवरफ्लो होने और ड्रेनेज ब्लॉक होने से ट्रैफिक जाम लग जाता है और सरकारी प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचता है। कचरे और झाड़ियों से पटे पड़े हैं नाले शहर के सबसे बड़े स्टॉर्म वॉटर कैरियर ‘एन-चो’ की हालत फिलहाल खराब है। इसमें लगातार गाद, मलबा, कचरा और जंगली वनस्पतियां जमा हो रही हैं, जिससे पानी का बहाव रुक गया है। कम हो गई है पानी सोखने की क्षमता इन रुकावटों के कारण नालों की पानी ले जाने की क्षमता काफी कम हो चुकी है। यही हाल ‘पटियाला की राव’ का भी है, जहां तुरंत ड्रेनेज नेटवर्क को दुरुस्त करने की जरूरत है। दोनों प्रमुख बरसाती नालों से तुरंत मलबा और गाद हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो। पानी के बहाव को रोकने वाले सभी अवैध कब्जों और रुकावटों को हटाया जाए । उन संवेदनशील पॉइंट्स (Vulnerable Points) की पहचान की जाए, जहां से पानी बाहर आने या मिट्टी धंसने का खतरा सबसे ज्यादा है।
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