अबोहर में नशे में बेसुध पड़ा मिला युवक: वीडियो वायरल होने के बाद नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया, पिता बोले-5-6 साल से चिट्टे के गिरफ्त में बेटा – Abohar News
अबोहर के इंद्रा नगरी क्षेत्र से नशे के जानलेवा जाल को बयां करती एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहाँ मंगलवार को एक युवक गली के किनारे नशे की अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) के कारण बेसुध पड़ा मिला, जिसकी बाजू में नशे का टीका (सिरिंज) लगा हुआ था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय समाजसेवियों और पुलिस ने त्वरित हस्तक्षेप किया, जिसके चलते युवक को इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है।
भाई हाथ से टीका निकाला लेकिन अस्पताल ले जाने से इनकार जानकारी के अनुसार, गली में युवक को अचेत अवस्था में देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत इसके बारे में उसके भाई को सूचित किया। भाई ने मौके पर पहुंचकर युवक की बाजू से टीका हटाया और उसे घर ले गया। शुरुआती तौर पर लोकलाज और अन्य कारणों से परिजनों ने युवक को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में समाजसेवियों द्वारा समझाने पर वे उसे इलाज दिलाने के लिए तैयार हो गए। थाने से सीधे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया युवक सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही समाजसेवी गगन चुघ सक्रिय हुए और इंद्रा नगरी पहुंचे। उन्होंने ‘इंद्रा नगरी सुधार सभा’ के सदस्यों के साथ मिलकर पीड़ित युवक और उसके परिवार को विश्वास में लिया और उन्हें सिटी-1 थाना पहुंचाया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर युवक को तुरंत जट्टांवाली स्थित नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया, जहाँ उसका पूरी तरह निःशुल्क (Free) उपचार किया जाएगा।
5-6 साल से ‘चिट्टे’ की गिरफ्त में है 24 वर्षीय बेटा बेसुध मिले 24 वर्षीय युवक के लाचार पिता ने बताया कि उनका बेटा पिछले करीब 5-6 सालों से ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) के जानलेवा नशे का आदी हो चुका है। इस घातक लत के कारण उसका पूरा जीवन और भविष्य अंधकार में डूब गया है। पिता ने समाजसेवियों और पुलिस द्वारा की गई इस मानवीय पहल पर आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि यहाँ से इलाज कराकर उनका बेटा एक बार फिर सामान्य और स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकेगा। “नशे को छुपाएं नहीं, इलाज के लिए आगे आएं परिवार” युवक को नई जिंदगी देने की इस मुहिम में शामिल समाजसेवियों ने आम जनता से एक विशेष अपील की है कि जैसे ही हमें इसकी सूचना मिली, हमने तुरंत सुधार सभा के पदाधिकारियों से संपर्क किया। समाज में ऐसे मामलों को छुपाने की प्रवृत्ति है।
यदि किसी परिवार का कोई सदस्य नशे की गिरफ्त में आ गया है, तो उसे छुपाने या कोसने के बजाय इलाज के लिए आगे लाएं। नशा मुक्ति केंद्रों में अब बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे युवाओं को सुधारा जा सकता है। समाजसेवियों के कदम को सराहा सभा के पदाधिकारियों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस संयुक्त प्रयास को बेहद सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि समाज, संस्थाओं और पुलिस के त्रिकोणीय सहयोग से ही नशा पीड़ित युवाओं को दलदल से निकालकर उन्हें एक नई जिंदगी दी जा सकती है।
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