अबोहर तेज अंधड़ का कहर: मकानों पर गिरा 30 साल पुराना BSNL टावर, कई जगह घरों को नुकसान-छज्जे ढहे, बाल-बाल बचे लोग – Abohar News

अबोहर तेज अंधड़ का कहर:  मकानों पर गिरा 30 साल पुराना BSNL टावर, कई जगह घरों को नुकसान-छज्जे ढहे, बाल-बाल बचे लोग – Abohar News


पंजाब के फाजिल्का जिले के अंतर्गत आते अबोहर क्षेत्र में शनिवार दोपहर को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र में भारी नुकसान की खबरें हैं। सबसे बड़ा और खौफनाक हादसा बल्लूआना गांव में पेश आया, जहां भारत संचार निगम ल

.

इस घटना के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में जर्जर इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों व टावरों के नजदीक खड़े होने से बचें।

आबादी के बीच बने घरों पर गिरा टावर; बाल-बाल बचे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बल्लूआना गांव की पंचायती जमीन पर 1995 में स्थापित यह मोबाइल टावर करीब 30 वर्ष पुराना हो चुका था। शुक्रवार दोपहर को भीषण अंधड़ के दबाव को यह जर्जर टावर झेल नहीं सका और अचानक भरभराकर सीधे आसपास के रिहायशी मकानों की छतों पर जा गिरा। गनीमत रही कि हादसा होते ही लोग समय रहते घरों से बाहर खुले में भाग निकले, जिससे एक बहुत बड़ी जनहानि होने से टल गई।

कई मकानों को पहुंचा भारी नुकसान

टावर गिरने के कारण आसपास के कई घरों को व्यापक क्षति पहुंची है। लोहे के भारी-भरकम एंगल गिरने से कई मकानों की छतों के बनेरे (मुंडेर) पूरी तरह टूट गए, जबकि कुछ घरों के लेंटर और छतों में गहरी दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह हादसा कुछ मिनट पहले हुआ होता, जब लोग छतों के आसपास या नीचे मौजूद थे, तो कई जानें जा सकती थीं। प्रभावित परिवारों को इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

संत नगर में भी गिरा मकान का छज्जा

तेज अंधड़ का तांडव सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अबोहर शहर के संत नगर की गली नंबर-4 में भी इसका असर देखने को मिला। यहां के निवासी मुकेश कुमार के मकान का छज्जा और उसमें लगी लोहे की ग्रिल तेज हवाओं के थपेड़ों के कारण अचानक उखड़कर नीचे गली में आ गिरी।

गनीमत रही कि हादसे के वक्त गली में कोई मौजूद नहीं था और पूरा परिवार घर के अंदर था। हालांकि, इस घटना में मकान मालिक को हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने लोगों से जर्जर और पुराने मकानों से दूर रहने की अपील की है।

ग्रामीणों ने की रिहायशी इलाकों से टावर हटाने की मांग

बल्लूआना गांव के निवासियों ने इस हादसे के बाद जिला प्रशासन और दूरसंचार विभाग के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट किया है। उनका कहना है कि 30 साल पहले लगे टावर पर बीएसएनएल के अधिकारियों ने कभी ध्यान दिया। इस टावर से बड़ा हादसा हो सकता था।

ग्रामीणों ने मांग की है कि:

आबादी वाले और रिहायशी क्षेत्रों में लगे सभी पुराने टावरों की सुरक्षा का पुनर्मूल्यांकन (Technical Audit) किया जाए।

भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए इन बड़े टावरों को आबादी से दूर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।

जिन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के मकानों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें तुरंत उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए।

विभागीय टीम मौके पर, नुकसान के आकलन के बाद मिलेगा मुआवजा

BSNL अधिकारी का कहना है कि “हादसे की सूचना मिलते ही विभाग की एक तकनीकी और प्रशासनिक टीम को तुरंत बल्लूआना गांव में मौके पर भेज दिया गया है। टीम मलबे को हटाने और मकानों को हुए नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटी है। विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और प्रभावितों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *