जालंधर में कांग्रेस ने डीसी दफ्तर के बाहर किया प्रदर्शन: कर्मचारियों के डीए की बकाया किश्तें जारी करने की मांग को लेकर DC को सौपा ज्ञापन – Jalandhar News
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की बकाया किश्तें न मिलने के विरोध में जालंधर डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी ने डीसी कार्यालय के बाहर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस प्रधान रजिंदर बेरी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की लंबित मांगों और डीए का भुगतान जल्द नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। बढ़ती महंगाई के दौर में कर्मचारियों के आर्थिक हक को लेकर पार्टी ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लंबित डीए को लेकर डीसी दफ्तर के बाहर गरजी कांग्रेस प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। इस दौरान पूरा परिसर सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार कर्मचारियों के साथ लगातार वादाखिलाफ़ी कर रही है।
रजिंदर बेरी ने पंजाब और केंद्र सरकार को घेरा धरने की अगुवाई कर रहे जिला कांग्रेस प्रधान रजिंदर बेरी ने सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की महंगाई भत्ते (DA) की किश्तें लंबे समय से रुकी हुई हैं। इसके साथ ही उनके अन्य बकाया फंड भी जारी नहीं किए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर कर्मचारियों के साथ अन्याय है। रजिंदर बेरी ने पंजाब सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर (LPG) की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस बेतहाशा महंगाई ने देश और राज्य के आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। कर्मचारियों पर बढ़ रहा है आर्थिक बोझ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ तो रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। दूसरी तरफ, कर्मचारियों को उनका बनता कानूनी और आर्थिक हक भी समय पर नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में मध्यमवर्ग और नौकरीपेशा लोग चौतरफा आर्थिक मोर्चे पर पिस रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महंगाई के इस कठिन दौर में कर्मचारियों को वित्तीय राहत देना सरकार का पहला कर्तव्य होना चाहिए। लेकिन मौजूदा सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। बेरी ने मांग की कि सरकार बिना किसी देरी के कर्मचारियों के सभी बकाया फंड और डीए की किश्तें तुरंत खाते में ट्रांसफर करे। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी कांग्रेस के मुख्य नेताओं ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस प्रदर्शन को केवल एक शुरुआत समझा जाए। यदि सरकार ने अपने अड़ियल रवैये को नहीं बदला और कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं कीं, तो इस संघर्ष को पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर तेज किया जाएगा
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