खैहरा बोले-29 मई के बाद टोल वसूली गैरकानूनी: ढिलवां-मानांवाला टोल प्लाजा तुरंत बंद करने की मांग; NHAI को लिखा पत्र – Kapurthala News
भुलत्थ के विधायक और ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के चेयरमैन सुखपाल सिंह खैहरा ने जालंधर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर स्थित ढिलवां (कपूरथला) और मानांवाला (अमृतसर) टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने की मांग की है। उन्होंने नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) को पत्र लिखकर कहा है कि 29 मई, 2026 के बाद टोल वसूली गैरकानूनी है। खैहरा ने अपने पत्र में बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैसर्स जालंधर अमृतसर टोलवेज लिमिटेड को 20 वर्षों की रियायत अवधि 29 मई, 2006 से 29 मई, 2026 तक दी गई थी। आरटीआई के जवाब में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि दोनों टोल प्लाजा पर टोल वसूली केवल 29 मई, 2026 तक ही जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित रियायत अवधि समाप्त होने के बावजूद, दोनों टोल प्लाजा पर अभी भी टोल वसूली जारी है। विधायक खैहरा ने इसे एक गंभीर कानूनी और जनहित का मामला बताया है। वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा नुकसान सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि लाखों यात्री, किसान, व्यापारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर इस मार्ग से गुजरते हैं। उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि 29 मई, 2026 के बाद टोल वसूली के लिए किसी प्रकार की एक्सटेंशन, नया रियायत समझौता, अधिसूचना या कानूनी अनुमति दी गई है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। एनएचएआई से पांच प्रमुख मांगें रखी खैहरा ने एनएचएआई से पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें दोनों टोल प्लाजा पर तत्काल टोल वसूली बंद करना, आम लोगों के लिए मुफ्त आवाजाही शुरू करना, मौजूदा रियायत समझौते की कानूनी स्थिति स्पष्ट करना, 29 मई, 2026 के बाद वसूले गए टोल की वैधता की जांच करना और पूरे मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध करवाना शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा पंजाब भर के लाखों सड़क उपयोगकर्ताओं से जुड़ा हुआ है। जनहित को देखते हुए इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
Source link

