रोपड़ में निहंगों ने कीर्तपुर हाईवे पर ‘खालसा टैक्स’ वसूला: हिमाचल के एंट्री टैक्स के विरोध में सांकेतिक प्रदर्शन, 1 जून को दी थी चेतावनी – Ropar (Rupnagar) News
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के वाहनों पर लगाए गए एंट्री टैक्स का विवाद गहरा गया है। रोपड़ में इसके विरोध में निहंग जत्थेबंदियों ने कीर्तपुर-मनाली नेशनल हाईवे पर पंजाब-हिमाचल सीमा के पास स्थित गरां मोड़ा टोल प्लाजा के पास एक सांकेतिक ‘खालसा टैक्स’ अभियान शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पंजाब पुलिस के हस्तक्षेप और अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अभियान को फिलहाल रोक दिया गया है। 1 जून के चक्का जाम में दी थी चेतावनी, मर्जी से लिए पैसे यह पूरा अभियान बाबा अच्छर सिंह महाकाल के नेतृत्व में चलाया गया। गौरतलब है कि निहंग जत्थेबंदियों ने बीते 1 जून को किए गए चक्का जाम के दौरान ही दोटूक चेतावनी दी थी कि यदि हिमाचल सरकार अपना एंट्री टैक्स वापस नहीं लेती है, तो पंजाब में प्रवेश करने वाले हिमाचल के वाहनों से ‘खालसा टैक्स’ वसूला जाएगा। पर्चियां काटकर लिया योगदान, कोई तय रकम नहीं अभियान के तहत आज हाईवे पर हिमाचल, पंजाब और हरियाणा नंबर की गाड़ियों को रोककर रसीदें काटी गईं, जत्थेबंदी ने टैक्स के लिए कोई निश्चित राशि तय नहीं की थी। वाहन चालकों ने अपनी स्वेच्छा से 10, 20, 50 या 100 रुपये की नकद राशि का योगदान दिया। निहंगों का दावा है कि इस राशि को गरीब बच्चों की पढ़ाई, शादियों और जरूरतमंदों की मदद के लिए खर्च किया जाएगा। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे SHO, बातचीत से सुलझा मामला जैसे ही हाईवे पर समानांतर टैक्स वसूली की भनक प्रशासन को लगी, थाना प्रभारी (SHO) राहुल शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए निहंग जत्थेबंदी के प्रमुखों से लंबी बातचीत की। एसएचओ राहुल शर्मा ने कहा कि यह केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन था। इस दौरान किसी भी वाहन चालक के साथ कोई जबरदस्ती, बदसलूकी या अवैध वसूली नहीं की गई। पुलिस द्वारा की गई शांतिपूर्ण अपील के बाद निहंग सिंहों ने इस अभियान को अभी बंद कर दिया है। “बातचीत से हल न निकला तो शुरू करेंगे पक्का टोल”— बाबा अच्छर सिंह सरकार की नीतियों पर बरसते हुए बाबा अच्छर सिंह महाकाल ने कहा कि सरकारों के गलत फैसलों का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। उन्होंने साफ किया कि यह कदम पंजाब और हिमाचल दोनों सरकारों की नींद खोलने के लिए उठाया गया था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकारें आपसी बातचीत के जरिए एंट्री टैक्स का कोई ठोस हल नहीं निकालती हैं, तो आने वाले दिनों में एक निश्चित राशि तय करके यहां स्थायी तौर पर टोल (खालसा टैक्स) शुरू कर दिया जाएगा। जवाबी टैक्स लगाने की मांग वहीं स्थानीय नेता गौरव राणा ने भी निहंगों के रोष का समर्थन करते हुए हिमाचल सरकार के एंट्री टैक्स को पूरी तरह अवैध बताया। उन्होंने कहा कि इस टैक्स के कारण दोनों राज्यों का आपसी भाईचारा और टैक्सी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि वह हिमाचल सरकार पर दबाव बनाए या इसके जवाब में खुद भी रेसिप्रोकल (जवाबी) टैक्स लागू करे।
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