युवक बोला- कभी बीड़ी नहीं पी, सरकारी रिकॉर्ड में नशेड़ी: लुधियाना में आर्म्स लाइसेंस बनवाने गया, पता चला; मेरे नाम से नशा छुड़ाने की गोलियां जारी – Ludhiana News
मैंने कभी बीड़ी तक नहीं पी, फिर भी सरकारी रिकॉर्ड में मुझे नशेड़ी बना दिया गया। मेरे नाम पर निजी डी-एडिक्शन सेंटर 98 गोलियां तक जारी कर दी गईं, जबकि मुझे इसकी भनक तक नहीं थी। मैंने अपना डोप टेस्ट करवाया है, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। यह दावा लुधियाना के युवक ने किया है। युवक का आरोप है कि आधार कार्ड का दुरुपयोग किया गया। इसका पता तब चला, जब वह आर्म्स लाइसेंस के लिए डोप टेस्ट करवाने पहुंचा। इसके बाद उसने पुलिस और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन महीनों बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी। युवक तरसेम भारद्वाज खन्ना के गांव बीजा का रहने वाला है। अब युवक की जुबानी पढ़िए पूरी कहानी… बुप्रेनॉरफिन क्या है? बुप्रेनॉरफिन एक दवा है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ओपिओइड (अफीम, हेरोइन, चिट्टा जैसे नशों) की लत छुड़ाने के इलाज में किया जाता है। यह दवा नशा मुक्ति केंद्रों में डॉक्टर की निगरानी में दी जाती है, ताकि मरीज को नशे की तलब और विदड्रॉल (नशा छोड़ने पर होने वाली परेशानी) से राहत मिल सके। क्यों दी जाती है यह दवा? जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक ओपिओइड नशा करता है और उसे छोड़ना चाहता है, तो शरीर में बेचैनी, दर्द, घबराहट और अन्य लक्षण पैदा होते हैं। ऐसे मरीजों को नियंत्रित मात्रा में बुप्रेनॉरफिन दी जाती है, जिससे नशे की लत से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
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