ढाई घंटे तेज बारिश; आज बादल छाएंगे, फिर शुरू होगा उमस-तपिश का दौर – Jalandhar News
जून का आधा महीना मानसून के आगे बढ़ने का समय होता है, इसलिए इसके बाद आने वाले सिस्टम अक्सर वेस्टर्न डिस्ट रबेंस और मान ूनी हवाओं के मेल के रूप में देखे जाते हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार 14 जून के बाद यह दूसरा सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और अगले कुछ दिनों तक कोई नया मजबूत वेस्टर्न डिस्ट रबेंस आने की संभ वना नहीं है। फिल हाल जो 2 दिन भरपूर बारिश हुई है, इससे हीट वेव को ब्रेक लगी। रातें व दिन सुहाने हुए। अब उमस- तपिश के बीच फिर से पारा जोर पकड़ेगा। भास्कर न्यूज | जालंधर शनिवार को जालंधर में सारा दिन ठंडी हवाओं का दौर चला। सारा दिन मौसम सुहाना रहा। पहले आधी रात को बूंदाबांदी हुई। फिर सुबह 9 से 11.30 बजे तक झमाझम बारिश हुई है। जालंधर का अधिकतम तापमान गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। रात को 24 डिग्री तापमान रहा था। जालंधर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली है। आने वाले दिनों में 14 जून से 17 जून तक बादलों में हलचल रहेगी। लेकिन गर्मी व उमस भी बढ़ेगी। विभिन्न जगहों पर लोकल बारिशों की स्थिति भी बनने की संभावना है। एयर क्वालिटी में बड़ा सुधार, हवा हुई बेहद साफ ः राहत की बात यह भी रही कि पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश और धूल भरी आंधियों के थमने के बाद जालंधर की हवा पूरी तरह से साफ हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, जालंधर का एयर क्वालिटी इंडेक्स आज सुधरकर संतोषजनक यानी 86 के स्तर पर पहुंच गया है। जो सामान्य दिनों में 150 के पार रहता था। हवा साफ होने से सांस के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ वर्षों में जून की बारिश का ट्रेंड मौसम में आ रहे बड़े बदलावों को दर्शाता है। साल 2015 में 12 दिन में 89.91 मिमी बारिश के साथ दूसरे भाग में अच्छी राहत मिली, जबकि 2016 में 8 दिनों में 55.90 मिमी वर्षा से उमस रही। वर्ष 2017 में रिकॉर्ड 131.92 मिमी बारिश हुई, जो अंधड़ और भारी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण दशक की सर्वाधिक रही। 2018 में समय पर मानसून आने से 73.68 मिमी बारिश हुई, लेकिन 2019 (15.10 मिमी) और 2020 (11.56 मिमी) में सूखा और भीषण गर्मी रही। इसके बाद 2021 में महज 27.80 मिमी छिटपुट बौछारें पड़ीं। वर्ष 2022 में लू के बाद महीने के अंत में राहत मिली और 63.70 मिमी बारिश दर्ज हुई। 2023 में चक्रवात से 90.75 मिमी वर्षा हुई, वहीं 2024 में भीषण गर्मी के चलते सिर्फ 26.07 मिमी पानी गिरा। अंततः 2025 में एक नया बदलाव दिखा, जहां मात्र 3 दिनों में ही मानसून के आगमन से 102.73 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। एके शुक्ला, भास्कर एक्सपर्ट
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