शनिगांव मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया शनिदेव का तेलाभिषेक, सत्कर्मों का बताया महत्व – Ludhiana News
भास्कर न्यूज | लुधियाना शनिगांव के शनि मंदिर में शनिवार को साप्ताहिक धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस विशेष अनुष्ठान में पहुंचे भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान शनिदेव का विधि-विधान से तेलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक गुरु शून्य प्रभु ने कहा कि प्रार्थना किस भाषा में की जा रही है इससे महत्वपूर्ण यह है कि वह किस भाव से की जा रही है। अगर उसमें अहंकार की भावना है तो उसका अर्थविहीन हो जाना निश्चित है। उन्होंने कहा कि कर्म प्रधान है परंतु वह किस भाव से किया गया है यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। धर्मसभा में आगे कहा गया कि अगर स्वयं की प्रसिद्धि के लिए कोई लाखों रुपए का दान दे और अपने नाम के पत्थर मंदिरों में लगवा ले तब भी उसे वह पुण्य कभी नहीं मिलेगा जो मात्र सौ रुपए का गुप्त दान करने वाले को मिल सकता है। उन्होंने भक्तों को अपने विचारों को पवित्र, प्रेमपूर्ण तथा परोपकारी रखने की प्रेरणा देते हुए सत्कर्मों का महत्व समझाया। समागम में संदेश दिया गया कि हर परिस्थिति में विचारों को पवित्र बनाए रखना ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। समागम के दौरान मुख्य सेवादार करमजीत सिंह मान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे जिन्हें समाप्ति पर प्रसाद वितरित किया गया।
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