पंजाब कांग्रेस की दिल्ली में हाई कमान से मीटिंग: पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी रहेंगे मौजूद; चुनाव पर बनेगी स्ट्रेटजी – Chandigarh News

पंजाब कांग्रेस की दिल्ली में हाई कमान से मीटिंग:  पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल भी रहेंगे मौजूद; चुनाव पर बनेगी स्ट्रेटजी – Chandigarh News




पंजाब कांग्रेस की आज (2 जून) एक बार फिर दिल्ली में हाईकमान के साथ हाई-लेवल मीटिंग होने जा रही है। यह चार दिन में दूसरी बड़ी बैठक है। बैठक में पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बदलने की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है और पूरा फोकस चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर है। 29 मई को दिल्ली में पार्टी के पांच वरिष्ठ नेताओं को बैठक के लिए बुलाया गया था। बैठक शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा बैठक से बाहर चले गए थे। इस पर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि बैठक के बाद प्रभारी ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बात नहीं है और बाजवा ने अपनी बात रखकर, जरूरी काम के चलते बैठक छोड़ी थी। बाद में बाजवा ने भी कहा कि मीडिया में इसे गलत तरीके से पेश किया गया। प्रधान पद बना हुआ है अहम पार्टी के भीतर भले ही नेतृत्व बदलाव की अटकलें चल रही हों, लेकिन कांग्रेस का आधिकारिक रुख यही है कि फिलहाल किसी बदलाव की योजना नहीं है। इसके बावजूद संगठन के भीतर गुटबाजी को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, संभावित नेतृत्व विकल्पों में पूर्व मंत्री विजय इंद्र सिंगला का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। उन्हें एक संतुलित और सभी गुटों को साथ लेकर चलने वाले नेता के तौर पर देखा जाता है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चरनजीत औपचारिक रूप से इस रेस में नहीं हैं, लेकिन पार्टी के भीतर वे एक अहम ‘किंगमेकर’ की भूमिका में माने जा रहे हैं। इसके अलावा परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। राहुल टीम प्लेयर बनने को कह चुके कांग्रेस हाईकमान के लिए सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में गुटबाजी को खत्म करना और संगठन को एकजुट करना माना जा रहा है। यह संकेत पहले हुई बैठकों से भी मिलते हैं। पार्टी ने साफ किया है कि 2027 विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लड़ा जाएगा। 22 जनवरी की मीटिंग के बाद केसी वेणुगोपाल ने नेताओं को कड़ी चेतावनी दी कि पार्टी के आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, हाई कमान ने साफ कर दिया कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को बदला नहीं जाएगा। 29 मई को भूपेश बघेल ने यह बात की। जबकि 28 फरवरी को बरनाला मे ंहुई रैली में राहुल गांधी मंच से नेताओं को कह चुके है टीम प्लेयर बनो, वरना रिजर्व में बैठना होगा।ञ एक अकेला खिलाड़ी मैच नहीं जिता सकता। चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता (सांसद, विधायक या पूर्व सीएम) क्यों न हो, उसे टीम प्लेयर बनकर काम करना होगा



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