चंडीगढ़ में सुप्रीम कोर्ट फटकार के बाद भी वेंडर्स बरकरार: सुपरिटेंडेंट इंफोर्समेंट बोला- परमानेंट बैठाया इंस्पेक्टर, प्रधान- जब मर्जी आ जाएं, लाइव दिखा देंगे – Chandigarh News

चंडीगढ़ में सुप्रीम कोर्ट फटकार के बाद भी वेंडर्स बरकरार:  सुपरिटेंडेंट इंफोर्समेंट बोला- परमानेंट बैठाया इंस्पेक्टर, प्रधान- जब मर्जी आ जाएं, लाइव दिखा देंगे – Chandigarh News




चंडीगढ़ में अवैध वेंडरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों और प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगने के करीब एक माह बाद भी शहर में हालात जस के तस बने हुए हैं। सेक्टर-22 की शास्त्री मार्केट समेत कई प्रमुख बाजारों में बड़ी संख्या में अवैध वेंडर अब भी बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शास्त्री मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और स्मॉल ट्रेडर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ के अध्यक्ष मुकेश गोयल ने आरोप लगाया कि मार्केट में रोजाना हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं, लेकिन यहां अवैध वेंडरों की भरमार बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी दावा करते हैं कि क्षेत्र में एक इंस्पेक्टर स्थायी रूप से तैनात रहता है, लेकिन इसके बावजूद वेंडर खुलेआम बैठ रहे हैं। गोयल ने सवाल उठाया कि यदि निगरानी के लिए इंस्पेक्टर मौजूद है तो फिर अवैध वेंडर किसकी मिलीभगत से बैठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों को लाइव वीडियो दिखा सकते हैं कि वेंडर कब बैठते हैं और निगम की कार्रवाई के दौरान कुछ समय के लिए इधर-उधर होकर फिर उसी स्थान पर आ जाते हैं। उनका आरोप है कि केवल खानापूर्ति के लिए चालान काटे जाते हैं, जबकि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। होम सेक्रेटरी और मेयर को फटकार अवैध वेंडरों के मुद्दे पर पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई थी। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी, डीसी और मेयर को अदालत में पेश होना पड़ा था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि किसी अधिकारी के घर के सामने कोई तंदूर लगाकर बैठ जाए तो क्या उसे भी नहीं हटाया जाएगा। अदालत ने कहा था कि चंडीगढ़ को “सिटी ब्यूटीफुल” कहा जाता है, लेकिन अवैध कब्जों और वेंडरों के कारण शहर की पहचान प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने प्रशासन को जल्द कार्रवाई कर शहर को व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने मेयर से यह भी पूछा था कि वेंडिंग से जुड़ी अपीलों का निपटारा अब तक क्यों नहीं हुआ। अदालत ने कहा था कि जब अन्य न्यायिक संस्थाएं तय समय में मामलों का निपटारा कर सकती हैं तो नगर निगम स्तर पर देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि केवल चालान काटना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे अवैध वेंडिंग पर स्थायी रोक लग सके और निर्धारित वेंडिंग जोन का प्रभावी इस्तेमाल हो। शास्त्री मार्केट में नहीं एक भी वेंडर सुपरिटेंडेंट इंफोर्समेंट सुनील दत्त बोले कि उनका इंस्पेक्टर परमानेंट शास्त्री मार्केट सेक्टर-22 में बैठा होता है। वहां पर एक भी वेंडर नहीं बैठ सकता है। रोजाना उनकी ओर से अवैध वेंडरों के चालान भी काटे जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने सख्ती और ज्यादा कर दी है।



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