चंडीगढ़ के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लाश मिली: बाथरूम का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला, पास में इंजेक्शन पड़े मिले – Chandigarh News
चंडीगढ़ में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में डॉक्टर की लाश मिली है। वह बाथरूम में गए थे, लेकिन जब काफी देर तक बाहर नहीं निकले तो साथियों ने दरवाजा खटखटाया। इसके बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। जब दरवाजे को तोड़ा गया, तो उसमें डॉक्टर बेसुध पड़ा मिला, इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां पर उन्हें मृत बता दिया गया है। पुलिस को मौके से इंजेक्शन मिले हैं, दावा किया जा रहा है कि इन्हें लगाने से ही उनकी मौत हुई है। GMCH-32 के बाथरूम में गए थे डॉ. योगेश चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH-32) में मंगलवार को 24 वर्षीय डॉ. योगेश, जो पीजी जूनियर रेजिडेंट (जेआर) और जनरल मेडिसिन विभाग में कार्यरत थे, अस्पताल परिसर के एक बाथरूम में गए थे। काफी समय तक बाहर नहीं आने पर उनके साथियों और अस्पताल स्टाफ को संदेह हुआ। कई बार दरवाजा खटखटाने और खोलने की कोशिश की गई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा तोड़ने पर बेसुध मिले जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़ा गया। अंदर डॉ. योगेश बेसुध अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डॉ. योगेश का शव अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर स्थित शौचालय में मिला। उनकी मौत की सूचना मिलने के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। मौके से मिले क्लोराइड के इंजेक्शन सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से पोटेशियम क्लोराइड के इंजेक्शन भी बरामद हुए हैं। इसके बाद मामले की सूचना थाना-34 पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना-34 पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करवाई और बाथरूम व आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में इंजेक्शन लगाने की बात आई सामने पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉक्टर ने कथित तौर पर इंजेक्शन लगाया था। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे क्या कारण रहे और यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया गया। मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
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