पंजाब में मानसून से पहले भाखड़ा डैम लबालब: BBMB ने हरियाणा-राजस्थान से एक्स्ट्रा पानी लेने को कहा; बांध खाली न हुआ तो बारिश में बाढ़ का खतरा – Chandigarh News

पंजाब में मानसून से पहले भाखड़ा डैम लबालब:  BBMB ने हरियाणा-राजस्थान से एक्स्ट्रा पानी लेने को कहा; बांध खाली न हुआ तो बारिश में बाढ़ का खतरा – Chandigarh News




पंजाब में मानसून आने में तीन-चार हफ्ते का समय बचा है और उससे पहले ही भाखड़ा डैम में पानी का लेवल बढ़ गया है। इसकी वजह से भाखड़ा डैम को कंट्रोल करने वाले भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) की टेंशन बढ़ गई है। BBMB ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए भाखड़ा डैम में हिस्सा रखने वाले राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से तय मात्रा से एक्स्ट्रा पानी लेने के लिए कहा है। इस बीच पंजाब सरकार की ओर से BBMB को पानी की अपनी डिमांड भेज दी गई है। भाखड़ा डैम की अधिकतम भराव क्षमता 1680 फीट है। इस समय डैम का वाटर लेवल 1578 फीट है। बहुत अधिक गर्मी पड़ने की वजह से हिमाचल प्रदेश में ग्लेशियर पिघलने के कारण सतलुज और उसी सहायक नदिया में इन दिनों पानी की आवक काफी अधिक है। इसकी वजह से भाखड़ा डैम में वाटर इनफ्लो बढ़ा हुआ है। जून के आखिरी हफ्ते तक हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश शुरू होती है। जुलाई के पहले हफ्ते तक पंजाब में भी मानसून पहुंच जाता है। उस दौरान नदियों में पानी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में अगर भाखड़ा डैम का जलस्तर कुछ कम न किया गया तो मानसून के दौरान पंजाब-हिमाचलत में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। अब 3 पाइंट में जानिए की यह सारा मामला 1. बीबीएमबी ने सलाह दी है कि धान का सीजन चल रहा है। ऐसे में पंजाब और हरियाणा अपने कोटे का पानी इस्तेमाल करें। भाखड़ा बांध का जलस्तर इस समय 1,578.07 फीट तक पहुंच चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 21.47 फीट अधिक है। 2. आगामी मानसून की भारी बारिश और पहाड़ों से पिघलने वाली बर्फ के पानी को संभालने के लिए जलाशय (गोविंद सागर झील) में खाली जगह बनाना जरूरी है। 3. बांध में पहले से जलस्तर अधिक होने के कारण यदि मानसून में अचानक पानी बढ़ता है, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। इससे बचने के लिए पानी रिलीज करना समझदारी है। ऐसे मिलता है राज्यों को पानी
बीबीएमबी हर साल मानसून की स्थिति और बांधों में पानी की आवक के आधार पर वार्षिक कोटा (वार्षिक लेखा वर्ष के अनुसार) तय करता है। सामान्य या हालिया वर्षों के रिकॉर्ड (जैसे वर्तमान चक्र) के अनुसार, सालभर के लिए मुख्य राज्यों का वार्षिक पानी आवंटन मिलियन एकड़ फीट (MAF) में इस प्रकार है। इस हिसाब से पंजाब का 5.512 MAF पानी मिता है। इस तरह हरियाणा को 2.987 MAF व राजस्थान को 3.318 MAF को पानी मिलता है। पानी की बांट 21 मई से शुरू होकर अगले वर्ष के 20 मई तक दिया जाता है। 1987 के बाद पिछले साल आई थी बाढ़ पंजाब में पिछले साल 1987 में बाढ़ आई थी। राज्य सरकार की तरफ से 23 राज्यों में आपदा घोषित कर दी थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर से लेकर कृषि मंत्री ने पंजाब का दौरा किया था पैकेज का ऐलान भी हुआ था। इसके बाद केंद्र व पंजाब सरका में विवाद हो गया था।



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