पठानकोट-चंबा राजमार्ग पर पेड़ों की अवैध कटाई: धारकलां में वन माफिया सक्रिय, लोगों ने ठेकेदारों पर लगाए आरोप; विभाग को मिले सुराग – Pathankot News
पठानकोट जिले के पर्वतीय क्षेत्र धारकलां में एक बार फिर वन माफिया की गतिविधियां सामने आई हैं। पठानकोट-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सुकरेत और धारकलां गांवों के बीच खैर प्रजाति के बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई हुई है। यह घटना उस स्थान पर हुई है जहां से वन विभाग का रेंज कार्यालय अधिक दूर नहीं है। इसके बावजूद, वन माफिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग से कुछ ही दूरी पर स्थित जंगलों में खैर के पेड़ों को काटकर चोरी कर लिया। डेढ़ दशक से वन माफिया की नजर इन जंगलों पर
धारकलां ब्लॉक का पर्वतीय क्षेत्र अपने घने जंगलों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। हालांकि, पिछले डेढ़ दशक से वन माफिया की नजर इन जंगलों पर है, जिससे क्षेत्र की हरियाली लगातार कम हो रही है। वन विभाग की समय-समय पर सख्ती के कारण माफिया कुछ समय तक शांत रहा था। लोगों ने ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कुछ ठेकेदार विभाग से सीमित संख्या में पेड़ों की कटाई की अनुमति लेते हैं, लेकिन बाद में मंजूरी से कहीं अधिक पेड़ों को अवैध रूप से काट देते हैं। इस संबंध में, वन रेंज अधिकारी धारकलां बख्शीश सिंह ने जंगल से खैर के पेड़ों की चोरी की पुष्टि की है। वन विभाग करवाएगा मामला दर्ज
वन रेंज अधिकारी धारकलां बख्शीश सिंह ने बताया कि विभाग को इस मामले में शामिल लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। जल्द ही संदिग्धों से पूछताछ कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोपी सहयोग नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया जाएगा।
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