चंडीगढ़ के तीन IAS अधिकारियों की बढ़ी पावर: होम सेक्रेटरी मंदीप बराड़ छुट्टी पर, प्रशासन में विभागों का किया बंटवारा – Chandigarh News
चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव (होम सेक्रेटरी) मंदीप सिंह बराड़ (IAS) के 13 जून से 28 जून 2026 तक अवकाश पर जाने के बाद प्रशासन ने उनके अधीन आने वाले महत्वपूर्ण विभागों का अस्थायी बंटवारा कर दिया है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, गृह, पुलिस, जेल, राजस्व, कानून, स्वास्थ्य और शहरी विकास समेत कई अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सौंपा गया है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था केवल अवकाश अवधि के लिए की गई है, ताकि शहर में प्रशासनिक और विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो और सभी विभागों का कामकाज सामान्य रूप से चलता रहे। दीपरावा लाकरा संभालेंगे गृह, पुलिस और शहरी विकास आईएएस दीपरावा लाकरा को सबसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे अपने मौजूदा कार्यभार के साथ-साथ गृह, पुलिस, जेल और समन्वय विभाग, पर्यावरण एवं वन विभाग, स्थानीय निकाय और शहरी विकास विभाग संभालेंगे। गृह और पुलिस विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद शहर की कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी अब उनके पास रहेगी। स्वप्निल नाईक को मिले राजस्व, कानून और जल संसाधन विभाग आईएएस स्वप्निल एम. नाईक को प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। उनके पास अतिरिक्त रूप से राजस्व विभाग, कानून एवं न्याय विभाग, प्रोटोकॉल विभाग और जल संसाधन विभाग का कार्यभार रहेगा। भूमि, राजस्व और कानूनी मामलों से जुड़ी फाइलों पर अंतिम प्रशासनिक प्रक्रिया उनके माध्यम से पूरी होगी। डॉ. शाह के पास रहेगा स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग आईएएस डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह को स्वास्थ्य क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। वे अतिरिक्त रूप से स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग का कामकाज संभालेंगे। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों की निगरानी अब उनके पास रहेगी। 28 जून तक लागू रहेगी व्यवस्था प्रशासन की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था 13 जून से 28 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़ के अवकाश से लौटने के बाद उनके अधीन सभी विभागों का प्रभार दोबारा उन्हें सौंप दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि विभागों के इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छुट्टी के दौरान भी विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
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