चंडीगढ़ में शराब का ‘लंगर’ लगाने वाला गिरफ्तार: बर्फ की चुस्की में मिलाकर पिलाई शराब, प्रशासक व DGP आफिस की 300 मीटर दूरी – Chandigarh News
चंडीगढ़ के पॉश सेक्टर-9 मार्केट में सरेआम शराब का ‘लंगर’ लगाने के मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजेश सचदेवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एफआईआर में लिखा है कि शराब ठेके के बाहर खुलेआम लोगों को नई शराब ब्रांड को प्रमोट करने के लिए शराब पिलाई जा रही थी। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में शराब ठेके के बाहर स्टॉल लगाकर लोगों को बर्फ के गोलों यानी चुस्की में शराब मिलाकर मुफ्त में बांटते देखा गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो खुद शराब ठेकेदार की ओर से इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया था, जिसे विवाद बढ़ने के बाद डिलीट कर दिया गया। हालांकि तब तक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। कई घंटे चलता रहा शराब का लंगर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि शराब का यह ‘लंगर’ कोई कुछ मिनट नहीं, बल्कि कई घंटों तक चलता रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह है कि जहां यह पूरा आयोजन चल रहा था, वहां से करीब 300 मीटर की दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया का कार्यालय, डीजीपी और एसएसपी कार्यालय मौजूद हैं। इसके बावजूद शराब ठेकेदार बिना किसी डर के खुलेआम सड़क पर शराब परोसता रहा। आखिर उस दौरान पीसीआर, बीट पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस कहां थी। वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद भी तुरंत कार्रवाई नहीं हुई। जब मामला मीडिया में प्रमुखता से चला और विवाद बढ़ा, तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया। ठेके के बाहर शराब वाले बर्फ के गोले लेने के लिए पहुंचे लोग। जामुन चुस्की में मिलाई गई वोदका जानकारी के अनुसार सेक्टर-9 स्थित शराब ठेके के बाहर एक प्रमोशनल स्टॉल लगाया गया था। यहां लोगों को जामुन फ्लेवर वाली बर्फ की चुस्की दी जा रही थी, जिसमें वोदका मिलाई गई थी। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग स्टॉल के आसपास खड़े दिखाई दिए और कई लोग हाथों में शराब वाली चुस्की लिए नजर आए। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मौके पर शराब की बोतलें भी बांटी गईं या सिर्फ चुस्की के जरिए शराब परोसी गई। सोशल मीडिया पर VIDEO डालकर किया प्रमोशन पुलिस ने बताया शराब ठेकेदार ने नई शराब ब्रांड के प्रमोशन के लिए यह आयोजन किया था। वीडियो में स्टॉल पर युवाओं की भीड़ दिखाई दे रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने आबकारी नियमों और सार्वजनिक स्थान पर शराब परोसने को लेकर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों सुरेश, राजू और दशरथ ने कहा कि शहर में पहली बार इस तरह खुलेआम शराब को खाद्य सामग्री में मिलाकर बांटा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसके लिए प्रशासन या आबकारी विभाग से अनुमति ली गई थी।
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