अबोहर में जलभराव से निदान को 6 करोड़ का प्रोजेक्ट: 160 एकड़ में अंडर ग्राउंड पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू, बंजर हो रही थी जमीन – Abohar News
अबोहर क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले लंबे समय से कृषि भूमि को बर्बाद कर रही सेम (जलजमाव) की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ के विशेष प्रयासों के बाद खुईयां सरवर और ढाणी चिराग क्षेत्र में काफी समय से बंद पड़ी ‘ट्रेंचिंग मशीन’ (खाई खोदने वाली मशीन) को दोबारा शुरू करवा दिया गया है। इस पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 6 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है। 160 एकड़ कृषि भूमि में बिछाई जाएगी भूमिगत पाइपलाइन परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए विधायक संदीप जाखड़ ने बताया कि इस योजना के तहत सेम से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र की लगभग 160 एकड़ कृषि भूमि में आधुनिक भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ ने बताया कि यह पाइपलाइन जमीन के भीतर अत्यधिक मात्रा में जमा हो चुके सेम के खारे पानी को खींचकर बाहर निकालेगी। जल निकासी सुचारू होने से जलभराव की समस्या खत्म होगी और जो उपजाऊ भूमि बंजर हो रही थी, उसे किसान भाई फिर से खेती योग्य बना सकेंगे।” — वर्षों के आर्थिक नुकसान से उबरेगी किसानी विधायक जाखड़ ने कहा कि सेम की इस विकराल समस्या के कारण वर्षों से क्षेत्र के किसानों की खड़ी फसलें तबाह हो रही थीं, जिससे अन्नदाताओं को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के स्थायी खात्मे के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार पैरवी की गई, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप इस ठप पड़ी परियोजना को दोबारा जीवनदान मिला है। ट्रेंचिंग मशीन के फिर से चालू होने से अब पाइपलाइन बिछाने के काम में जबरदस्त तेजी आएगी। किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, जल्द मिलेगी स्थायी राहत विधायक संदीप जाखड़ ने पूरा भरोसा जताया कि इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने से क्षेत्र में सेम की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और किसानों को इसका सीधा व बड़ा लाभ मिलेगा। उधर, खुईयां सरवर और ढाणी चिराग क्षेत्र के स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने खेतों में दोबारा ट्रेंचिंग मशीन को काम करते देख अपनी प्रसन्नता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने विधायक जाखड़ का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि अब उनकी वर्षों पुरानी इस मुसीबत का अंत समयबद्ध तरीके से हो जाएगा।
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