चंडीगढ़ प्रशासक ने लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’: परिवार के साथ किया पौधारोपण; कहा-पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाएं युवा – Chandigarh News

चंडीगढ़ प्रशासक ने लगाया ‘एक पेड़ मां के नाम’:  परिवार के साथ किया पौधारोपण; कहा-पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाएं युवा – Chandigarh News




विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है। इस दौरान राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया अपनी पत्नी अनीता कटारिया, बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद रहे। सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया। राज्यपाल ने आंवला का पौधा लगाया, जबकि उनकी पत्नी अनीता कटारिया ने अमलतास का पौधा रोपा। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी गुलमोहर, नीली गुलमोहर, अमरूद और प्राइड ऑफ इंडिया जैसे पौधे लगाए। ये पौधे पर्यावरणीय, औषधीय और सौंदर्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वायु गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ वातावरण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक पेड़ मां के नाम अभियान की सराहना राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक पेड़ मां के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण और माताओं के प्रति सम्मान की भावना को एक साथ जोड़ता है। इस अभियान ने देशभर में लोगों को प्रकृति से जुड़ने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। चंडीगढ़ की हरियाली को और मजबूत करने पर जोर कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी हरियाली और सुव्यवस्थित शहरी विकास के लिए देशभर में पहचान रखता है। प्रशासन भविष्य में भी पौधारोपण अभियान, जैव विविधता संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से शहर की हरित पहचान को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है, ताकि पौधारोपण के प्रयास लंबे समय तक पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।



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