चंडीगढ़ प्रशासन ने DPDP एक्ट पर वर्कशॉप कराई: 200 अधिकारियों को दी डेटा सुरक्षा जानकारी, नागरिकों की निजी जानकारी सुरक्षित रखने पर जोर – Chandigarh News
चंडीगढ़ प्रशासन के आईटी विभाग ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट-2023 को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। भारत सरकार के आईटी मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन
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और सी-डैक मोहाली के सहयोग से आयोजित हुई।
कार्यशाला की अध्यक्षता आईटी विभाग के निदेशक ने की। इसमें नगर निगम के संयुक्त आयुक्त, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन और सी-डैक मोहाली के अधिकारियों समेत चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों के करीब 200 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट-2023 की जानकारी देना और इसे विभागों में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार करना था।
डेटा सुरक्षा की जानकारी दी
नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन के विशेषज्ञों ने एक्ट के कानूनी ढांचे, प्रमुख परिभाषाओं और सरकारी विभागों में इसकी उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों को डेटा फिड्यूशियरी की जिम्मेदारियों, नागरिकों के अधिकारों, व्यक्तिगत डेटा के वैध उपयोग, सहमति प्रबंधन, डेटा सुरक्षा उपायों और डेटा उल्लंघन की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
इसके अलावा बच्चों के डेटा की सुरक्षा, शिकायतों के निपटारे, डेटा सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति और कानून के नियमों पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि विभागों में डेटा का सुरक्षित इस्तेमाल और संरक्षण कैसे किया जाए।
सभी विभागों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
इस मौके पर आईटी विभाग के निदेशक ने कहा कि यह कार्यशाला डिजिटल सेवाओं को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों को इस कानून को लागू करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाएगा।

