प्रदेश बीजेपी प्रधान बोले- पहले बरनाला में गैंगस्टर लड़ता था: अकाली नेता स्व. मलकीत सिंह पर टिप्पणी से सियासत गर्म, बेटे ने कहा-नोटिस भेंजेंगे – Barnala News
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले भाषण में विधानसभा हलका बरनाला के पूर्व विधायक और स्वर्गीय अकाली नेता मलकीत सिंह कीतू के खिलाफ ‘गैंगस्टर’ सहित अन्य अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। इस बयान के बाद बरनाला की राजनीति में हलचल मच गई है। अपने भाषण के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि जब वह साल 2007 में बरनाला गए थे, तो अकाली दल की तरफ से एक ‘गैंगस्टर और नशा बेचने वाला’ व्यक्ति वहां से चुनाव लड़ता था, जो लोगों को डराता-धमकाता था। ढिल्लों ने दावा किया कि उन्होंने उस समय उसे बुलाकर साफ कह दिया था कि अगर हमारे कार्यकर्ताओं को कुछ भी कहा तो हाथ तोड़ दिए जाएंगे। बयान से अकाली दल में रोष, बेटे बोला- कानून से जवाब देंगे ढिल्लों के इस बयान पर अकाली दल और दिवंगत नेता के समर्थकों में भारी रोष है। स्वर्गीय मलकीत सिंह कीतू के बेटे और विधानसभा हलका बरनाला से अकाली दल के इंचार्ज कुलवंत सिंह कांता ने ढिल्लों के बयान को ‘अशोभनीय और घटिया शब्दावली’ बताते हुए कहा कि इसके लिए केवल सिंह ढिल्लों को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा। ढिल्लो अपनी बात को साबित करें, अब आएंगे तो सवाल करेंगे उन्होंने ढिल्लों को चुनौती दी कि वे साबित करें कि यह अपशब्द उन्होंने मलकीत सिंह कीतू को कब कहे थे, उस समय कौन-कौन मौजूद था और इस पर उनके पिता की क्या प्रतिक्रिया थी। कांता ने चेतावनी दी कि यदि ढिल्लों इसे साबित नहीं कर सकते तो उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जब भी सिंह ढिल्लों बरनाला आएंगे, तो उन्हें घेरकर इस बयान पर सवाल किया जाएगा और पुरजोर विरोध किया जाएगा।
कीतू ने जनसेवा से बनाई थी अलग पहचान उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मलकीत सिंह कीतू एक बेहद लोकप्रिय और सम्मानित नेता थे, जिन्होंने अपने समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की थी। उन्होंने अपने हलके में हजारों गरीब और जरूरतमंद लड़कियों की शादियां करवाई थीं और हमेशा आम जनता के सुख-दुख के सामाजिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। जनहित के इन्हीं कार्यों की बदौलत बरनाला की जनता ने उन्हें बेहद प्यार दिया और वह दो बार भारी बहुमत से चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। अपने राजनीतिक सफर के दौरान जब वह एक बार चुनाव हारे भी, तो उनकी हार का अंतर मात्र कुछ वोटों का था, जो धक्केशाही और धांधली का नतीजा बताया था।
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