पंजाब में CHO यूनियन का संघर्ष: तरनतारन में स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए विरोध के पोस्टर, बोले- मांगें न मानीं तो आंदोलन जारी रहेगा – tarn-taran News
पंजाब में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज कर दिया है। राज्य सरकार पर मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए, यूनियन ने आज पूरे पंजाब के आयुष्मान आरोग्य सेंटर्स पर विरोध और जागरूकता पोस्टर लगाए। इससे गांवों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। CHO यूनियन की तरनतारन जिला अध्यक्ष जैस्मीन कौर और जुगराज कौर कंग ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले CHO की मर्जी से नहीं, बल्कि सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान न देने के कारण लगे हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार ने 5,000 रुपये की स्थायी वेतन वृद्धि के बजाय, प्रोत्साहन राशि से जुड़े प्रदर्शन-आधारित मानदंड लागू किए हैं, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। यूनियन की अन्य लंबित मांगों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को स्थायी सेवा श्रेणी में शामिल करना, लॉयल्टी बोनस देना और वेतन व प्रोत्साहन राशि को एक साथ जोड़ना शामिल है। CHO गांवों में रक्तचाप, शुगर और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सहित कई बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं पर असर पड़ने से ग्रामीण आबादी को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन नेता बोले- कल होगा विरोध प्रदर्शन यूनियन नेताओं ने घोषणा की कि 10 अगस्त को नेशनल हेल्थ मिशन, पंजाब मुख्यालय के सामने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में CHO भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यूनियन ने सरकार से बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को तुरंत सुलझाने का आग्रह किया। इस अवसर पर नोमनजीत कौर (प्रेस सेक्रेटरी), अमरजीत कौर (ब्लॉक प्रेसिडेंट, खेमकरण), जीवनजोत सिंह (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट), मंदीप कौर रटौल, दविंदर कौर (ब्लॉक प्रेसिडेंट, कैरों), मनजिंदर कौर, नवजोत कौर, प्रभजीत कौर और सुखपाल कौर सहित कई अन्य CHO मौजूद थे।
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