किसानों के खाते सील, अमृतसर DMO ऑफिस पर धरना: आढ़ती की धोखाधड़ी की सजा भुगत रहे बेकसूर, सरकार पर अनदेखी का आरोप – Amritsar News

किसानों के खाते सील, अमृतसर DMO ऑफिस पर धरना:  आढ़ती की धोखाधड़ी की सजा भुगत रहे बेकसूर, सरकार पर अनदेखी का आरोप – Amritsar News




अमृतसर के चक्क सिकंदर मंडी घोटाले के बाद बेकसूर किसानों के बैंक खाते सील किए जाने के विरोध में आज किसान मजदूर संघर्ष समिति ने मोर्चा खोल दिया। संगठन के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता सरवण सिंह पंधेर की अगुवाई में भारी संख्या में किसानों ने जिला मंडी बोर्ड (डीएमओ) कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान नेताओं ने पंजाब सरकार और मंडी प्रशासन पर किसानों का आर्थिक उत्पीड़न करने और बुनियादी समस्याओं की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया मंडी बोर्ड कार्यालय के बाहर धरने को संबोधित करते हुए सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि चक्क सिकंदर मंडी मामले में प्रशासन ने धोखाधड़ी करने वाले एक आढ़ती के खिलाफ तो कार्रवाई की है, लेकिन उसके साथ ही कई निर्दोष किसानों के बैंक खाते भी पूरी तरह सील कर दिए गए हैं। किसानों का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि किसानों ने अपनी मेहनत की गेहूं की फसल सरकारी मंडी में बेची थी और नियमानुसार उसका भुगतान सीधे अपने बैंक खातों में प्राप्त किया था। इसमें किसानों की कोई गलती नहीं है, फिर भी उनके खाते बंद कर दिए गए हैं। कई किसानों के खातों में 10 लाख रुपये या उससे अधिक की गाढ़ी कमाई फंसी हुई है, जिससे उनका दैनिक जीवन और खेती-बाड़ी का काम ठप हो गया है।” मंडियों की बदहाली और कच्ची पर्ची के खेल पर उठाए सवाल किसान नेता ने अमृतसर की भगतांवाला सब्जी मंडी सहित पंजाब की अन्य मंडियों की दुर्दशा पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाली इन मंडियों में सफाई व्यवस्था बेहद दयनीय है। यहाँ किसानों और व्यापारियों के लिए पीने के पानी और शेड जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है, जिससे बारिश के दिनों में फसलें बर्बाद हो जाती हैं। पंधेर ने मंडियों में चल रहे एक और बड़े खेल का पर्दाफाश करते हुए आरोप लगाया कि कई आढ़ती अभी भी किसानों को ‘कच्ची पर्चियां’ थमा देते हैं, जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं होता। उन्होंने मांग की कि मंडियों में सभी प्रकार के लेन-देन के लिए केवल पक्की और ऑनलाइन रसीदें ही अनिवार्य की जाएं, ताकि किसानों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके। अधिकारियों से मिला आश्वासन, खाद संकट पर सरकार को अल्टीमेटम आंदोलन के दबाव के बीच आज प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किसान शिष्टमंडल की एक अहम बैठक संपन्न हुई। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे प्रशासनिक वादों पर नजर रखे हुए हैं और यदि समय रहते खातों को बहाल नहीं किया गया, तो संघर्ष को और उग्र रूप दिया जाएगा।



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