17 महीने बाद टाइगर सफारी में गूंजी दहाड़, नागपुर से आए बादल-बिजली के हुए दीदार – Ludhiana News

17 महीने बाद टाइगर सफारी में गूंजी दहाड़, नागपुर से आए बादल-बिजली के हुए दीदार – Ludhiana News



करीब 17 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार टाइगर सफारी में टाइगर्स की दहाड़ लौट आई है। चिड़ियाघर प्रशासन की तरफ से मंगलवार सुबह 9.30 बजे टाइगर के जोड़े(नर-बादल व मादा-बिजली) को सफारी में छोड़ा गया, जिसके बाद उन्हें देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पहले ही दिन शाम तक 100 से अधिक वन्यजीव प्रेमियों ने सफारी पहुंचकर तालाब में पानी पीते और आपस में अठखेलियां करते टाइगर के जोड़े का दीदार किया। नागपुर में स्थित बालासाहेब ठाकरे गोरेवाड़ा इंटरनेशनल जूलॉजिकल पार्क से रॉयल बंगाल टाइगर्स का एक जोड़ा पिछले महीने पहुंचा था। उन्हें डाक्टरों की ऑब्जर्वेशन में 28 दिन क्वारंटाइन रखा गया था। मंगलवार को उनका क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने पर टाइगर सफारी में छोड़ा गया। बता दें कि टाइगर सफारी में पहले दो टाइगर होते थे। बीमार होने के कारण मादा टाइगर को यहां से शिफ्ट कर दिया गया। उसके बाद करीब एक साल तक नर टाइगर ही रहा। 2024 दिसंबर में नर टाइगर की मौत हो गई थी। जब टाइगर सफारी में टाइगर्स थे तो वीकेंड पर 600 से 700 सैलानी आते थे। लेकिन इस समय इनकी संख्या 400 से 500 रह गई है। हफ्ते में 6 दिन दे रहे मांस चिड़ियाघर प्रशासन की तरफ से दोनों टाइगर्स(बादल और बिजली) की डाइट का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दोनों को भैंस का मांस दिया जा रहा है। लेकिन सप्ताह में छह दिन ही दिया जाता है। दर्शक सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक सफारी में टाइगर्स को देख सकते है। जिसकी फीस 50 रुपये है। जबकि चिड़ियाघर की बच्चों की 20 रुपये और व्यस्कों की 30 रुपये फीस है। गर्मी को लेकर टाइगर्स के हाउसेस में कूलर और ग्रीन नेट लगाए गए हैं।



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