पंजाब पुलिस के कांस्टेबल की मौत पर बवाल: मां बोली- बेटे को मरने को किया मजबूर, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की; गाड़ी से 15KM दूर मिली लाश – Pathankot News

पंजाब पुलिस के कांस्टेबल की मौत पर बवाल:  मां बोली- बेटे को मरने को किया मजबूर, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की; गाड़ी से 15KM दूर मिली लाश – Pathankot News


धरने पर बैठ बिलखती युवराज की मां पूजा बोली- बेटे को मरने के लिए किया गया मजबूर।

पठानकोट में 5 दिन पहले लापता हुए कॉन्स्टेबल का शव सोमवार दोपहर बाद सिंबली गुजरां नहर से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि सरना की रहने वाली मां-बेटी ने युवराज को मरने के लिए मजबूर किया और पुलिस प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने

.

बारिश के बावजूद परिवार और रिश्तेदार सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर डटे रहे। परिजनों का आरोप है कि सरना निवासी एक परिवार ने बेटे को मानसिक प्रताड़ना दी है, जिससे परेशान होकर युवराज ने जान दे दी। लेकिन, पुलिस मामले को दबाना चाहती है। वहीं, पूरे मामले पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। पुलिस ने पूरे मामले पर चुप्पी साध ली है।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय युवराज निवासी इंदिरा कॉलोनी के रूप में हुई है। युवराज के पिता भी पंजाब पुलिस में थे, जिनका 4 साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद युवराज को साल 2024 में अनुकंपा के आधार पर पंजाब पुलिस में नौकरी मिली थी। उसकी पहली तैनाती गुरदासपुर में हुई थी।

धरने में शामिल रिश्तेदार नारेबाजी करते हुए।

11 जून को ड्यूटी पर निकला, फिर नहीं लौटा

11 जून को घर से ड्यूटी पर गया। लेकिन, फिर वापस नहीं आया। अगले दिन परिवार को सूचना मिली की युवराज की थार यूबीडीसी किनारे खड़ी मिली। जिसके बाद संभावना जताई गई थी कि युवराज ने नहर में छलांग लगाई है। पिछले 5 दिन से एसडीआरएफ और गोताखोरों की ओर से यूबीडीसी में उसकी तलाश की जा रही थी। जिसकी लाश सोमवार को मिली।

कपूरथला में चल रही थी युवराज की ट्रेनिंग

युवराज के भाई नितिन ने बताया कि युवराज कपूरथला में ट्रेनिंग पर था। उन्होंने बताया कि युवराज पिछले 5 दिनों से लापता था तथा उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। नितिन के अनुसार युवराज की थार गाड़ी धीरा पुल के समीप नहर किनारे खड़ी मिली, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दी थी। लेकिन, उसकी तलाश में संजीदगी नहीं दिखाई गई।

परिवार को फोन पर मिली सूचना

नितिन ने बताया कि 11 जून की शाम को निकला युवराज वापस नहीं लौटा। परिवार उसकी तलाश कर रहा था कि उन्हें 12 जून को किसी व्यक्ति का फोन आया था, जिसने बताया कि युवराज की गाड़ी धीरा पुल नहर के पास खड़ी है। जिसके बाद परिवार वहां पहुंचा और पुलिस को शिकायत देकर युवराज को जल्द से जल्द खोजने की मांग की थी।

सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे लोग।

सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे लोग।

थार से 15 किमी. दूर मिली लाश

यूबीडीसी के किनारे जहां 11 जून को युवराज की थार खड़ी मिली थी। सोमवार को लाश वहां से लगभग 15 किमी. दूर सिंबली-माजरा की नहर में मिली। परिवार ने आरोप लगाया कि युवराज को मार कर नहर में फेंका गया या फिर उसे मरने के लिए मजबूर किया गया। परिवार ने ये आरोप भी लगाया कि पुलिस ने परिवार के कहे अनुसार धीरा नहर के आसपास तलाश नहीं की। अगर समय रहते तलाश शुरू की जाती तो लाश की ये हालत ना होती।

मां बोली- बेटे को मरने के लिए किया गया मजबूर मृतक युवराज की मां पूजा ने बिलखते हुए बताया कि उसका बेटा उसे बताता था कि उसे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरना के कुछ लोग युवराज को मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस को बयान दर्ज करवाए गए थे। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। आज लाश मिली है। पुलिस युवराज के मौत के जिम्मेदार लोगों को बचाने में लगी है।

विलाप करती युवराज की मां पूजा।

विलाप करती युवराज की मां पूजा।

**********

ये खबर भी पढ़ें:

पठानकोट में पुलिस कॉन्स्टेबल लापता, नहर किनारे मिली थार: 2 दिन से था गायब, मोबाइल भी बंद

पठानकोट में पंजाब पुलिस के कॉन्स्टेबल लापता हो गया।कॉन्स्टेबल के घर से लापता होने के 2 दिन बाद उसकी थार यूबीडीसी नहर किनारे मिली। हालांकि कांस्टेबल का कोई अता-पता नहीं लगा। संभावना जताई जा रही है कि कांस्टेबल नहर में गिरा है। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *