कपूरथला में तस्कर को जेल से निकालने का फर्जी खेल: जाली दस्तावेजों से जमानत करवाई, दो भाइयों समेत चार के खिलाफ केस – Kapurthala News
कपूरथला की माननीय अदालत को गुमराह कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक आरोपी की जमानत करवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। अदालत की जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद माननीय न्यायाधीश के आदेश पर पुलिस ने दो सगे भाइयों सहित
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जानकारी के अनुसार, यह शिकायत न्यायाधीश गुरमीत टिवाना के रीडर अमर बहादुर द्वारा थाना सदर पुलिस को दी गई थी। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई 2023 को थाना कबीरपुर में मुकदमा नंबर 23 के तहत एनडीपीएस एक्ट के अधीन रछपाल सिंह (निवासी सिखां मोहल्ला, सुल्तानपुर लोधी) के खिलाफ नशा तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। जेल में बंद रछपाल सिंह को बाहर निकालने के लिए उसके भाई ने पूरी साजिश रची और अदालत में जाली दस्तावेज पेश कर दिए।
साजिश में शामिल आरोपी
रछपाल सिंह (मुख्य आरोपी – एनडीपीएस एक्ट)
लाल सिंह (आरोपी का भाई व मुख्य साजिशकर्ता)
सरवजीत सिंह (जाली जमानती)
जगतार सिंह (जाली नंबरदार)
जानिए…. साजिश का पूरा जाल
भाई ने रची साजिश, फर्जी नंबरदार और जमानती किए पेश
आरोप है कि रछपाल सिंह की जमानत करवाने के लिए उसके भाई लाल सिंह (निवासी सत्थरगड़ा, सुल्तानपुर लोधी) ने कथित तौर पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया। लाल सिंह ने अदालत को धोखा देने के लिए सरवजीत सिंह (निवासी गांव खीरांवाली) को एक जाली जमानती के रूप में पेश किया।
इसके साथ ही जगतार सिंह (निवासी गांव खीरांवाली) को एक जाली नंबरदार बनाकर खड़ा कर दिया। लाल सिंह ने खुद इस पूरे मामले में गवाह (Witness) के तौर पर अपने हस्ताक्षर किए। इन सभी आरोपियों ने मिलकर 17 अक्टूबर 2023 को इन कथित फर्जी और तैयार किए गए जाली दस्तावेजों के आधार पर अदालत में जमानत बांड (Bail Bond) दाखिल कर दिए और आरोपी को जमानत दिलवा दी।
जांच में खुली पोल, अदालत के आदेश पर FIR दर्ज
जमानत बांड और दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद माननीय अदालत द्वारा इनकी गहनता से जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि अदालत में पेश किए गए दस्तावेज पूरी तरह से जाली और फर्जी थे। अदालत की गरिमा और कानून के साथ हुए इस खिलवाड़ को गंभीरता से लेते हुए माननीय न्यायाधीश ने तुरंत पुलिस को कार्रवाई के आदेश जारी किए।
आरोपियों को गिरफ्तार करने को पुलिस दे रही दबिश
पुलिस चौकी साइंस सिटी के जांच अधिकारी एएसआई जगदीश कुमार ने बताया कि आदालत के आदेश पर चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने पुष्टि की है कि आरोपी फिलहाल फरार हैं और अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।

