चंडीगढ़-दिल्ली फ्लाइट में यात्री ने तोड़ा खिड़की का शीशा: एयरपोर्ट पर भागने की कोशिश; नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की तैयारी – Chandigarh News
चंडीगढ़ से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-1879 में एक यात्री द्वारा विमान की खिड़की का अंदरूनी शीशा तोड़ने का मामला सामने आया है। घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एयरलाइन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी यात्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। लैंडिंग से पहले किया हंगामा जानकारी के अनुसार 7 जून की शाम फ्लाइट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आईजीआई) पर उतरने वाली थी। इसी दौरान 26 वर्षीय यात्री अचानक आक्रामक हो गया और क्रू सदस्यों के रोकने के बावजूद विमान की खिड़की के अंदर लगे प्लास्टिक सुरक्षा पैनल (इनर पेन) पर लगातार वार कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद यात्रियों में दहशत फैल गई। यह होता है प्लास्टिक सुरक्षा पैनल
विमान की खिड़की में कई सुरक्षा परतें होती हैं। यात्री द्वारा जिस हिस्से को नुकसान पहुंचाया गया, वह अंदर लगा प्लास्टिक सुरक्षा पैनल था। इसका काम बाहरी संरचनात्मक शीशों को नुकसान से बचाना होता है। इससे विमान की सुरक्षा प्रभावित नहीं हुई। एयरपोर्ट पर सौंपा गया सुरक्षा एजेंसियों को एअर इंडिया के अनुसार लैंडिंग के तुरंत बाद आरोपी यात्री को सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के हवाले कर दिया गया। एयरलाइन का कहना है कि क्रू ने पूरी घटना के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं (SOP) का पालन किया। हिरासत से भागने की कोशिश जब 8 जून की सुबह आरोपी ने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 क्षेत्र में पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। वह चेक-इन एरिया से बाहर निकलने लगा, लेकिन सीआईएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम ने उसे देख लिया। सीआईएसएफ जवानों ने तुरंत पीछा कर उसे दोबारा पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों ने बताई मानसिक बीमारी पूछताछ के दौरान आरोपी के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है और उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने एयरलाइन से अनुरोध किया कि उसे पटना जाने वाली फ्लाइट में बैठने की अनुमति दी जाए। एयर इंडिया ने टिकट देने से किया इनकार एयरलाइन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आरोपी को दूसरी फ्लाइट में यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया। कंपनी का कहना है कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जा सकता। अब नो-फ्लाई लिस्ट पर फैसला एयर इंडिया ने मामले को अपनी आंतरिक समिति के पास भेज दिया है। नागरिक उड्डयन नियमों के तहत समिति 30 दिनों के भीतर यह तय करेगी कि आरोपी पर कितने समय तक उड़ान भरने पर प्रतिबंध लगाया जाए। फिलहाल एयरलाइन की ओर से यात्री पर 30 दिनों का अस्थायी प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। जांच और समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।
Source link

