छोटी इंडक्शन फर्नेस इकाइयों को सेकेंडरी धुआं नियंत्रण अनिवार्यता से राहत की मांग – Jalandhar News
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर में फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड (एफआईटी) के प्रधान सुनील शर्मा के नेतृत्व में उद्योगपतियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीपीसीबी कार्यालय, फोकल प्वाइंट पहुंचकर एक्सईएन दीपक चड्ढा और एसडीओ मनप्रीत सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इंडक्शन फर्नेस इकाइयों के लिए प्रस्तावित द्वितीयक वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और सेकेंडरी धुआं नियंत्रण प्रणाली—डॉग हाउस, कैनोपी हूड व रूफटॉप कंटोनमेंट सिस्टम को लेकर छोटे उद्योगों की व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख किया गया। सुनील शर्मा ने कहा कि जालंधर पंजाब का प्रमुख फाउंड्री केंद्र है, जहां लगभग 1480 छोटी व मध्यम इंडक्शन फर्नेस इकाइयां कार्यरत हैं, जो ऑटो पार्ट्स, पाइप फिटिंग्स, ट्रैक्टर पार्ट्स, कृषि उपकरणों के पार्ट्स, हैंड टूल्स, स्कैफोल्डिंग फिटिंग्स और अन्य इंजीनियरिंग उत्पाद बनाती हैं। उन्होंने बताया कि 2 टन प्रति घंटा तक क्षमता वाली इकाइयां मोटर स्टैंपिंग स्क्रैप और पिग आयरन जैसे अपेक्षाकृत स्वच्छ कच्चे माल का उपयोग करती हैं तथा मैनुअल कास्टिंग होने से अतिरिक्त धुआं सीमित रहता है। एफआईटी ने मांग की कि 2 टन प्रति घंटा तक क्षमता वाली इकाइयों को सेकेंडरी धुआं नियंत्रण प्रणाली की अनिवार्यता से उचित छूट/राहत दी जाए। सुनील शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान और उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा से भी मिलने की तैयारी कर रहा है। इस दौरान चेयरमैन मनिंदर शर्मा, जनरल सेक्रेटरी नवनीत कुमार, कैशियर संदीप शारदा, फूल सिंह शेखावत, प्रदूषण सलाहकार सुनील अग्रवाल, अरुण शर्मा और राकेश वाधवा सहित अन्य उद्योगपति मौजूद रहे।
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