पंजाब निकाय चुनाव में 9.59 फीसदी कम मतदान: कुल 63.94% हुआ मतदान, 29 की मतगणना पर टिकी नजरें, नगर पंचायतों में दिखा सबसे ज्यादा उत्साह, बड़े शहरों के वोटरों में उदासीनता – Pathankot News
हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों के मतदान के अंतिम आंकड़े सामने आ गए हैं। इस बार के चुनावों में मतदाताओं ने मिला-जुला उत्साह दिखाया है, जहां कुल मिलाकर 63.94% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,नगर पंचायतों में लोगों ने शहरों के मुकाबले कहीं बढ़कर बढ़-चढ़कर लोकतंत्र के इस उत्सव में हिस्सा लिया। जबकि, नगर काउंसिलों का प्रदर्शन औसत रहा। वहीं, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने करीब 32 हजार पुलिसकर्मियों और 35 हजार चुनाव कर्मचारियों को तैनात किया था। इसके बावजूद कई जिलों से हिंसक झड़पों, पथराव और लाठीचार्ज की खबरें आईं।
कुल मतदान में 9.59% की गिरावट
इस बार के निकाय चुनावों में कुल 63.94% मतदान दर्ज किया गया है। चौकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले निकाय चुनाव की तुलना में काफी कम है। साल 2021 में हुए पंजाब निकाय चुनाव में राज्य में रिकॉर्ड 73.53% मतदान हुआ था, जिसकी तुलना में इस बार वोटिंग प्रतिशत में लगभग 9.59% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2021 के चुनावों में अधिकांश निगम क्षेत्रों (जैसे बठिंडा, पठानकोट, अमृतसर आदि) में मतदान का ग्राफ 70% से ऊपर था, लेकिन इस बार बड़े शहरों के ग्राफ में भारी गिरावट आई है।
नगर पंचायतों में बंपर वोटिंग, बड़े शहरों में कम
चुनाव आंकड़ों पर नजर डालें तो नगर पंचायतों में रिकॉर्ड तोड़ 76.18% मतदान हुआ है। यहां कुल 1,41,643 मतदाताओं में से 1,07,903 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके विपरीत, बड़े शहरी क्षेत्रों यानी नगर निगमों में मतदाताओं की बेरुखी एक बार फिर सामने आई है। नगर निगम क्षेत्रों में सबसे कम 59.91% मतदान ही हो सका। यहां कुल 10,71,403 पंजीकृत मतदाताओं में से केवल 6,41,930 वोटर ही बूथों तक पहुंचे। नगर काउंसिलों की बात करें तो यहां मतदान का प्रतिशत 65.06% रहा। संख्या के लिहाज से यहां सबसे ज्यादा वोटर थे। कुल 22,87,637 मतदाताओं में से 14,88,408 लोगों ने वोट डाले।
एक नजर में मतदान के आंकड़े 7,555 उम्मीदवारों का भविष्य मतपेटियों में बंद
इस बार के निकाय चुनावों में कुल 1,896 वार्डों में 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। नगर निगम की बात करें तो अबोहर, बटाला, बरनाला, बठिंडा, कपूरथला, मोहाली, मोगा और पठानकोट सहित 8 नगर निगमों के 396 वार्डों में 1,613 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा,75 नगर काउंसिलों के 1,282 वार्डों में सबसे अधिक 5,142 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं और 20 नगर पंचायतों के 218 वार्डों में 800 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो चुकी है।
आप की प्रतिष्ठा दांव पर मैदान में सबसे अधिक उम्मीदवार
बता दें, पंजाब भर के निकाय चुनावों में 79 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया है। अब चुनाव के लिए 7555 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार सत्तापक्ष आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव लड़ रहे हैं जिनकी संख्या 1801 हैं।
दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव सभी दलों के लिए अहम हैं, क्योंकि इसे 2027 में विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है।
29 को होगी मतगणना
पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों की वोटिंग खत्म हो चुकी है। लेकिन लोगों की निगाहें 29 मई के नतीजों पर आकर टिक गई हैं। ये चुनाव सिर्फ मेयर और पार्षद चुनने कि कवायद वहीं बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ये नतीजे सिर्फ शहरों की सरकार नहीं तय करेंगे बल्कि ये भी बताएंगे कि 2027 के सेमी फाइनल में किसकी पकड़ मजबूत है।
तुलनात्मक विश्लेषण: 2021 बनाम ताजा चुनाव
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