विकसित भारत@2047 के विजन में चंडीगढ़ बना रोल मॉडल: प्रशासक कटारिया ने गिनाईं उपलब्धियां, शिक्षा-स्वास्थ्य-सुशासन के क्षेत्र में देशभर में बनाई पहचान – Chandigarh News
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में चंडीगढ़ को समावेशी विकास और प्रभावी प्रशासन के सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर की शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि चंडीगढ़ विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासकों ने भाग लिया। इस दौरान मानव विकास, बेहतर प्रशासन और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का किया उल्लेख कटारिया ने बताया कि चंडीगढ़ ने 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर देश में एक नई मिसाल कायम की है। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के चलते शहर को शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में लगातार दूसरे वर्ष सर्वोच्च ‘प्रचेष्टा-1’ ग्रेड मिला है। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ और ‘शिखर-26’ जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी करवाई जा रही है। साथ ही सरकारी स्कूलों में कौशल विकास आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में ‘प्रोजेक्ट सारथी’ बना मिसाल स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए प्रशासक ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट सारथी’ के तहत हजारों एनएसएस स्वयंसेवक सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सहायता कर रहे हैं। इससे अस्पतालों में आने वाले लोगों को बेहतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ देश का पहला आधिकारिक स्लम-फ्री शहर बन चुका है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और समावेशी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि चंडीगढ़ का विकास मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
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