प्रशासन के झूठे आश्वासनों से नाराज किसानों का फूटा गुस्सा: बस्ती चौक पर चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी – Ludhiana News
लुधियाना भारतीय किसान मजदूर यूनियन (पंजाब) द्वारा आज जिला लुधियाना के बस्ती चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम किया गया। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से दिलबाग सिंह ने की। चक्का जाम के कारण पूरे इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। लंबे समय से मिल रहे हैं सिर्फ खोखले आश्वासन: दिलबाग सिंह धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता दिलबाग सिंह ने कहा कि इन जायज मांगों को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम अपनी मांगों को मनवाने के लिए इससे पहले कई बार टोल प्लाजा बंद कर चुके हैं और राहों रोड पर भी पक्का धरना लगा चुके हैं। लेकिन प्रशासन हर बार सिर्फ झूठा आश्वासन देकर हमें उठा देता है। धरातल पर कोई भी काम शुरू नहीं किया जाता। प्रशासन के इसी अड़ियल और ढुलमुल रवैए से तंग आकर आज हमें मजबूरन बस्ती चौक पर पक्का मोर्चा लगाना पड़ा है। किसान यूनियन की मुख्य मांगें: यूनियन ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि जब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, धरना समाप्त नहीं होगा राहों रोड बस्ती चौक से मत्तेवाड़ा तक की मांग: राहों रोड बस्ती चौक से लेकर मत्तेवाड़ा तक के मार्ग से जुड़ी समस्याओं और अधूरें कामों को तुरंत पूरा किया जाए। अवैध माइनिंग और ओवरलोडेड टिप्परों पर रोक: नेशनल हाईवे अथॉरिटी के नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रहे अवैध माइनिंग वाले टिप्परों और ओवरलोडेड वाहनों पर तुरंत और पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। सड़कों के किनारे से अवैध कब्जे हटाना: पूरे लुधियाना शहर में सड़कों के किनारे लगी रेहड़ी-फड़ी और अवैध कब्जों को नगर निगम (कॉरपोरेशन) तुरंत हटाए। यदि निगम प्रशासन ने इन्हें नहीं हटाया, तो किसान संगठन खुद इन कब्जों को हटाने के लिए मजबूर होगा।सस राली बांध (पुश्ते) का रुका काम शुरू करना: सस राली बांध पर धरना देकर मार्च के महीने में काम शुरू करवाया गया था। लेकिन सरकार ने इसके लिए फंड जारी नहीं किया, जिसके कारण ठेकेदारों को पैसे नहीं मिले और काम पूरी तरह से बंद पड़ा है। सरकार तुरंत फंड जारी कर ठेकेदारों का भुगतान करे और इस काम को दोबारा शुरू करवाए। प्रशासन को सख्त चेतावनी किसान नेताओं ने साफ लफ्ज़ों में कहा कि अब वे प्रशासन की किसी भी कागज़ी या ज़ुबानी तसल्ली में नहीं आने वाले हैं। जब तक मौके पर आकर अधिकारी उनकी मांगों का लिखित और स्थाई समाधान नहीं निकालते तब तक बस्ती चौक पर यह चक्का जाम और धरना प्रदर्शन इसी तरह अनवरत जारी रहेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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