रोपड़ के 7 वर्षीय तेगबीर ने पर्वतारोहण में रचा इतिहास: 6111 मीटर ऊंचे माउंट यूनम पर फहराया तिरंगा, मुबई के काम्या कार्तिकेयन का रिकॉर्ड तोड़ा – Ropar (Rupnagar) News
पंजाब के रोपड़ (रूपनगर) के रहने वाले मात्र 7 साल 9 महीने के नन्हे तेगबीर सिंह ने पर्वतारोहण की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। तेगबीर ने हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में स्थित 6,111 मीटर (6,000 मीटर से अधिक) ऊंची माउंट यूनम (Mount Yunam) चोटी
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मुंबई की काम्या कार्तिकेयन का रिकॉर्ड तोड़ा
रोपड़ के शिवालिक पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र तेगबीर सिंह ने अपनी इस असाधारण सफलता से नया विश्व रिकॉर्ड (World Record) स्थापित किया है। उन्होंने मुंबई की काम्या कार्तिकेयन द्वारा 9 साल 11 महीने की उम्र में बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को बड़े अंतर से तोड़ दिया है।यह पहली बार नहीं है जब तेगबीर ने देश का नाम रोशन किया है। इससे पहले भी वे कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुके हैं।
हाड़ कंपाने वाली ठंड और -5°C तापमान में 9 घंटे की लगातार चढ़ाई
तेगबीर ने इस कठिन पर्वतारोहण अभियान की शुरुआत 7 जुलाई को की थी। बेहद खराब मौसम, बर्फीली हवाओं और कम ऑक्सीजन के स्तर से जूझते हुए उन्होंने 13 जुलाई को दोपहर 2:50 बजे अपने पिता सुखिंदरदीप सिंह और दो गाइडों के साथ माउंट यूनम के शिखर पर कदम रखा। अंतिम चढ़ाई के दौरान इस नन्हे पर्वतारोही ने -5°C के हाड़ कंपाने वाले तापमान के बीच लगभग 9 घंटे तक लगातार ट्रैकिंग कर इस असंभव कार्य को संभव कर दिखाया।
विशेष प्रशिक्षण और मां की कड़ी डाइट ने दी ताकत
तेगबीर के पिता सुखिंदरदीप सिंह ने बताया कि इतनी कम उम्र में इस उपलब्धि को हासिल करना आसान नहीं था। इसके लिए सेवानिवृत्त कोच बिक्रमजीत सिंह घुम्मन ने तेगबीर को एल्टीट्यूड सिकनेस (ऊंचाई पर होने वाली बीमारी) से निपटने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए कड़ा व विशेष प्रशिक्षण दिया था। वहीं, उनकी मां डॉ. मनप्रीत कौर ने तेगबीर की शारीरिक सहनशक्ति को बनाए रखने के लिए एक बेहद सख्त और संतुलित डाइट चार्ट का प्रबंधन किया था।
अद्भुत है तेगबीर का सफर: एवरेस्ट बेस कैंप से लेकर किलीमेंजारो तक
अप्रैल 2024 (उम्र 5 साल 7 महीने): नेपाल स्थित दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का बेस कैंप फतह किया।
अगस्त 2024: अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी ‘माउंट किलीमेंजारो’ पर चढ़ने वाले सबसे युवा एशियाई पर्वतारोही बने।
जून 2025: यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी ‘माउंट एल्ब्रस’ पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया।
अप्रैल 2026: नेपाल का बेहद कठिन और 235 किलोमीटर लंबा ‘अन्नपूर्णा सर्किट’ ट्रेक पूरा किया।
‘स्टेट अवार्ड’ और श्री अकाल तख्त साहिब से हो चुके हैं सम्मानित
तेगबीर सिंह की इन असाधारण और प्रेरणादायी देश-विदेश की जीतों के लिए पंजाब सरकार द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित ‘स्टेट अवार्ड’ (राज्य पुरस्कार) से नवाजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के माननीय जत्थेदार जी द्वारा भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जा चुका है। तेगबीर की इस नई विश्व रिकॉर्ड उपलब्धि पर पूरे पंजाब और देश को गर्व है।


