मोगा में अज्ञात महिला का 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार: 10 जुलाई को मिला था शव, बाजू पर बने ‘गुरप्रीत’ नाम के टैटू – Moga News

मोगा में अज्ञात महिला का 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार:  10 जुलाई को मिला था शव, बाजू पर बने ‘गुरप्रीत’ नाम के टैटू – Moga News




धर्मकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव ढोलेवाल कीनिया के पास बहती नहर से बीते 10 जुलाई को बरामद हुए एक अज्ञात महिला के शव का शिनाख्त न होने के बाद सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया गया। धर्मकोट पुलिस प्रशासन और समाज सेवा सोसायटी (रजि.) मोगा के सेवादारों ने आपसी सहयोग से शव को नहर से बाहर निकाला था, जिसके बाद पहचान के तमाम प्रयास किए गए। शव को कब्जे में लेने के बाद पुलिस और समाज सेवा सोसायटी ने महिला की शिनाख्त के लिए हरसंभव प्रयास किए। जांच के दौरान महिला के शरीर (बाजू) पर “गुरप्रीत” नाम का टैटू बना हुआ पाया गया, जिसे पुलिस ने पहचान का मुख्य जरिया माना। इस संबंध में आसपास के थानों और सोशल मीडिया पर भी सूचनाएं साझा की गईं ताकि लापता लोगों के रिकॉर्ड से इसका मिलान किया जा सके। 72 घंटे तक मोर्चरी में रखने के बाद भी नहीं पहुंचे परिजन कानूनी नियमों के तहत शव को पहचान और वारिसों की तलाश के लिए सिविल अस्पताल मोगा की मोर्चरी में 72 घंटों के लिए सुरक्षित रखा गया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मृतका का कोई वारिस या संबंधी अस्पताल नहीं पहुंचा। अंततः, गुरुवार को धर्मकोट पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई और नियमानुसार शव को समाज सेवा सोसायटी (रजि.) मोगा के सुपुर्द कर दिया। समाज सेवा सोसायटी ने धार्मिक रीति-रिवाजों से किया अंतिम संस्कार सोसायटी ने इस लावारिस शव को लावारिस न रहने देते हुए पूरे धार्मिक आदर-सत्कार के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया। इस मानवीय कार्य के लिए दाह संस्कार की लकड़ियों की व्यवस्था प्रोफेसर राणा सूद की सुपुत्री डॉ. अबे सूद द्वारा की गई। समाज सेवा सोसायटी के समर्पित सदस्यों ने श्मशान घाट पर एकत्रित होकर महिला की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की और मुखाग्नि देकर विदाई दी। अस्थियां प्राप्त करने और पहचान के लिए अपील समाज सेवा सोसायटी और धर्मकोट पुलिस ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि यदि किसी के ध्यान में इस महिला या उसके परिवार से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो वे तुरंत धर्मकोट पुलिस स्टेशन या समाज सेवा सोसायटी मोगा से संपर्क स्थापित करें। पहचान सुनिश्चित होने के बाद परिजन आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर सम्मानपूर्वक मृतका की अस्थियां प्राप्त कर सकते हैं।



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